हिंदी व्याकरण (Hindi Vyakaran) से सरकारी परीक्षाओं में बहुत सारे महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर पूछे जाते हैं | हिंदी भाषा को शुद्ध रूप में लिखने और बोलने को हिन्दी व्याकरण(Hindi grammar) कहते है | हिन्दी भाषा सिखने और उच्चारण के लिए हिन्दी व्याकरण सीखना अनिवार्य होता है | यदि आप किसी भी प्रतियोगी परीक्षा (जैसे- UPSC, SSC, Banking, UPSSSC, TET, CTET, या राज्य स्तरीय परीक्षाएं) की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए हिंदी व्याकरण (Hindi Vyakaran) का ज्ञान होना बेहद जरूरी है।
Hindi Grammar का अध्ययन यानि प्रेक्टिस कर लेना चाहिए, जिससे एक्साम के वक्त हमे कोई डॉउट ना रहे |आज हम इस पोस्ट के माध्यम से हिंदी व्याकरण के संपूर्ण भाग को देखेंगे और जानने का प्रयास करेंगे कि Sampurn Hindi Vyakaran में कौन-कौन से चैप्टर महत्वपूर्ण है और आपके आने वाले एग्जाम में कहां-कहां से क्वेश्चन पूछे जाते हैं | इसका अध्ययन यानि प्रेक्टिस कर लेना चाहिए, जिससे एक्साम के वक्त हमे कोई डॉउट ना रहे | इस आर्टिकल सम्पूर्ण हिंदी व्याकरण नोट्स PDF को पढ़कर आप आगामी परीक्षाओं में हिंदी सेक्शन में बेहतरीन स्कोर प्राप्त कर सकते हैं।

सम्पूर्ण हिंदी व्याकरण नोट्स Hindi Vyakaran Study Notes in Brief
हिन्दी व्याकरण (Hindi Vyakaran) किसे कहते है ?
हिंदी भाषा को शुद्ध रूप में लिखने और बोलने को हिन्दी व्याकरण कहते है | हिन्दी भाषा सिखने और उच्चारण के लिए हिन्दी व्याकरण सीखना अनिवार्य होता है |
हिन्दी भाषा को धाराप्रवाह बोलना, पढ़ना और लिखना हिन्दी व्याकरण के माध्यम से संभव है | हिंदी व्याकरण में वर्ण ,शब्द, भाषा, वर्णमाला, संज्ञा, सर्वनाम, संधि, समास, पर्यायवाची, मुहावरे, रस, छंद, अलंकार इत्यादि सीखते है |
हिंदी भाषा का इतिहास लगभग एक हजार वर्ष पुराना माना गया है। संस्कृत सभी भाषाओ की जननी है | संस्कृत भारत की सबसे प्राचीन भाषा है और हिंदी का जन्म संस्कृत से ही हुआ है |
संस्कृत के बाद पालि भाषा का विकास हुआ |पालि के बाद प्राकृत भाषा का विकास हुआ | प्राकृत भाषा पहली ईस्वी से लेकर 500 ई. तक रही।
प्राकृत भाषा के बाद अपभ्रंश का विकास हुआ यह 500 ई. से 1000 ई. तक माना गया है और अपभ्रंश के ही जो सरल और देशी भाषा शब्द थे उसे अवहट्ट कहा गया और अवहट्ट से ही हिंदी का उद्भव हुआ है ।
अवहट्ट नाम का जिक्र मैथिल महान कवि कोकिल विद्यापति की ‘कीर्तिलता’ में आता है।
महाकवि विद्यापति कई भाषाओं के ज्ञाता थे।इनकी अधिकांश रचना संस्कृत एवं अवहट्ट में है।
हिंदी भाषा का विकास के क्रम
संस्कृत → पालि → प्राकृत → अपभ्रंश → अवहट्ट → हिंदी
भारत में हिंदी का तेजी से विकास स्वन्त्रता आदोलन और हिंदी पत्रकारिता के कारण हुई है। भारत के स्वतन्त्र होने के बाद 14 सितंबर 1949 को हिन्दी को भारत की राजभाषा घोषित कर दिया गया।
हिंदी आज दुनिया की सबसे बड़ी आबादी द्वारा बोली और समझे जानी वाली भाषा है। हिन्दी को आज 18% लोग पूरी दुनिया में बोलते है | हिंदी को हम भाषा की जननी, साहित्य की गरिमा, जन-जन की भाषा और राष्ट्रभाषा भी कहते हैं।
हिन्दी विश्व की एक प्रमुख भाषा है एवं भारत की राजभाषा है।
हिंदी भाषा का वर्णन भारतीय संविधान के भाग 17 एवं 8वीं अनुसूची में अनुच्छेद 343 से 351 में है।
सम्पूर्ण हिंदी व्याकरण नोट्स (Hindi Vyakaran Complete Notes) – पाठ्यक्रम और विवरण (Hindi Grammar Syllabus with Examples)
हिंदी व्याकरण को मुख्य रूप से चार भागों में बांटा गया है:
- वर्ण विचार
- शब्द विचार
- वाक्य विचार
- छंद व काव्य विचार
1. वर्ण विचार (Phonology / Orthography)
- पूर्ण विवरण: यह हिंदी व्याकरण का सबसे पहला और बुनियादी अंग है। इसके अंतर्गत भाषा की सबसे छोटी इकाई यानी ध्वनि या वर्ण के स्वरूप, भेद, आकार, उच्चारण स्थान (कण्ठ, तालु, मूर्धा आदि) और उनके आपस में मिलकर शब्द बनाने के नियमों का अध्ययन किया जाता है
- मुख्य बिंदु: स्वर, व्यंजन, वर्णमाला, अल्पप्राण, महाप्राण, घोष और अघोष।
- उदाहरण:
- ‘अ’, ‘आ’, ‘इ’, ‘क’, ‘ख्’ आदि वर्ण हैं।
- जब हम ‘कल’ शब्द लिखते हैं, तो यह तीन वर्णों के मेल से बनता है: क् + अ + ल् + अ।
2. शब्द विचार (Morphology / Etymology)
- पूर्ण विवरण: वर्णों के सार्थक मेल से ‘शब्द’ बनते हैं। व्याकरण के इस भाग में शब्दों की रचना, उनके विभिन्न भेदों, उत्पत्ति, रूप-परिवर्तन (विकार) और अर्थ का अध्ययन किया जाता है।
- मुख्य बिंदु:
- उत्पत्ति के आधार पर (तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी)
- रचना या बनावट के आधार पर (रूढ़, यौगिक, योगरूढ़)
- अर्थ के आधार पर (पर्यायवाची, विलोम, अनेकार्थक)
- व्याकरणिक प्रकार (संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, उपसर्ग, प्रत्यय, संधि, समास)
- उदाहरण:
- तत्सम से तद्भव: ‘अग्नि’ (तत्सम) से ‘आग’ (तद्भव)।
- संधि: विद्या + आलय = विद्यालय (वर्णों का मेल)।
- समास: राजा का पुत्र = राजपुत्र (शब्दों का मेल)।
3. वाक्य विचार (Syntax)
- पूर्ण विवरण: शब्दों के सार्थक और व्यवस्थित समूह को वाक्य कहते हैं। व्याकरण के इस भाग में वाक्यों की रचना, उनके अंगों (उद्देश्य और विधेय), वाक्य के भेदों (अर्थ और रचना के आधार पर) तथा विराम चिह्नों के सही प्रयोग का अध्ययन किया जाता है।
- मुख्य बिंदु:
- रचना के आधार पर वाक्य भेद (सरल वाक्य, संयुक्त वाक्य, मिश्र वाक्य)
- अर्थ के आधार पर वाक्य भेद (विधानवाचक, निषेधवाचक, प्रश्नवाचक, आज्ञावाचक आदि)
- वाक्य शुद्धि (Grammatical Correction)
- उदाहरण:
- सरल वाक्य: “राम पुस्तक पढ़ रहा है।”
- इस वाक्य में ‘राम’ उद्देश्य (जिसके बारे में कहा जाए) है और ‘पुस्तक पढ़ रहा है’ विधेय (जो कुछ कहा जाए) है।
4. छंद व काव्य विचार (Prosody & Poetics)
- पूर्ण विवरण: यह हिंदी व्याकरण और साहित्य का अंतिम खंड है, जो मुख्य रूप से पद्य (कविता, श्लोक आदि) रचना के नियमों से संबंधित है। इसमें भाषा के सौंदर्य, लय, गति और भावनात्मक अभिव्यक्ति का अध्ययन किया जाता है।
- मुख्य बिंदु:
- अलंकार: काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्व (अनुप्रास, यमक, उपमा आदि)।
- छंद: मात्राओं और वर्णों की गणना के नियम (दोहा, चौपाई, रोला आदि)।
- रस: काव्य को पढ़ने या सुनने से मिलने वाला मानसिक आनंद और उसके स्थायी भाव (शृंगार, हास्य, वीर रस आदि)।
- उदाहरण:
- अलंकार का उदाहरण: “रघुपति राघव राजा राम” (यहाँ ‘र’ वर्ण की आवृत्ति से अनुप्रास अलंकार है)।
- छंद का उदाहरण: चौपाई के प्रत्येक चरण में 16-16 मात्राएँ होती हैं।
हिंदी व्याकरण के ‘शब्द-विचार’
संज्ञा (Noun): परिभाषा, प्रकार, उदाहरण और महत्वपूर्ण MCQs
संज्ञा की परिभाषा (Definition of Noun) – किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, गुण, दशा या भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं। सरल
शब्दों में कहें तो— “इस संसार में जितनी भी चीजों को हम देख सकते हैं, छू सकते
हैं, या जिनके बारे में सोच सकते हैं, उन सबका कोई न कोई नाम होता है और वही नाम
‘संज्ञा’ है।”
- उदाहरण:
- व्यक्ति का नाम: राधा, सचिन, महात्मा गांधी
- वस्तु का नाम: पुस्तक, कलम, मेज
- स्थान का नाम: दिल्ली, आगरा, हिमालय
- भाव का नाम: बुढ़ापा, सुंदरता, ईमानदारी
संज्ञा के प्रकार (Types of Noun)
अर्थ या प्रयोग की दृष्टि से हिंदी में संज्ञा के मुख्य रूप से 5 भेद माने जाते
हैं:
- व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun)
जिस शब्द से किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु या स्थान के नाम का बोध हो, उसे व्यक्तिवाचक
संज्ञा कहते हैं।
- विशेषता: यह हमेशा किसी एक का ही बोध कराती है, पूरी जाति का नहीं।
- उदाहरण:
- व्यक्ति: सुभाष चंद्र बोस, महेंद्र सिंह धोनी
- स्थान: मथुरा, ताजमहल, भारत
- नदी/पर्वत: गंगा, यमुना, हिमालय (याद रखें: ‘नदी’ जातिवाचक है, पर ‘गंगा’
व्यक्तिवाचक है)।
- जातिवाचक संज्ञा (Common Noun)
जिस शब्द से किसी एक ही प्रकार के संपूर्ण प्राणी, वस्तु या स्थान की पूरी जाति या
वर्ग का बोध हो, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं।
- उदाहरण:
- प्राणी/मनुष्य: लड़का, लड़की, आदमी, डॉक्टर, शिक्षक, चोर
- वस्तुएँ: कुर्सी, मेज, किताब, कंप्यूटर
- पशु-पक्षी: गाय, शेर, तोता, कुत्ता
- भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun)
जिस शब्द से किसी वस्तु या व्यक्ति के गुण, धर्म, दशा, स्वभाव या भाव का बोध हो,
जिसे हम देख या छू नहीं सकते, केवल महसूस कर सकते हैं, उसे भाववाचक संज्ञा कहते
हैं।
- निर्माण: भाववाचक संज्ञाएँ प्रायः जातिवाचक संज्ञा, विशेषण, क्रिया और सर्वनाम
शब्दों में प्रत्यय जोड़कर बनाई जाती हैं। - उदाहरण:
- गुणों/भावों के नाम: क्रोध, दया, प्रेम, ईर्ष्या
- अवस्थाओं के नाम: बुढ़ापा, बचपन, जवानी, गरीबी, अमीरी
- नोट: ‘मीठा’ विशेषण है, लेकिन इससे बनी ‘मिठास’ भाववाचक संज्ञा है।
- समूहवाचक / समुदायवाचक संज्ञा (Collective Noun)
जिस संज्ञा शब्द से किसी समूह या समुदाय का बोध हो, उसे समूहवाचक संज्ञा कहते हैं।
- उदाहरण:
- सेना (सिपाहियों का समूह)
- भीड़ (लोगों का समूह)
- कक्षा (विद्यार्थियों का समूह)
- गुच्छा (चाबियों या अंगूरों का समूह)
- परिवार (सदस्यों का समूह)
- द्रव्यवाचक / पदार्थवाचक संज्ञा (Material Noun)
जिस संज्ञा शब्द से किसी ऐसे ठोस, द्रव या गैस रूपी पदार्थ का बोध हो जिससे दूसरी
वस्तुएँ बनाई जाती हैं (और जिन्हें मापा या तौला जा सके, गिना न जा सके), उसे
द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं।
- उदाहरण:
- धातुएँ/पदार्थ: सोना, चाँदी, लोहा, तांबा, पीतल
- तरल पदार्थ: दूध, पानी, तेल, घी, पेट्रोल
- अन्य: ऊन, लकड़ी, कोयला
महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs & PYQs for Practice)
प्रतियोगिता परीक्षाओं में पूछे गए या संभावित कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न:
Q1. ‘बुढ़ापा’ शब्द में कौन सी संज्ञा है? (UPSSSC Exam)
A) व्यक्तिवाचक संज्ञा
B) जातिवाचक संज्ञा
C) भाववाचक संज्ञा
D) समूहवाचक संज्ञा
उत्तर: (C) भाववाचक संज्ञा (यह अवस्था का बोध कराता है)।
Q2. ‘सेना’ शब्द किस प्रकार की संज्ञा का उदाहरण है?
A) व्यक्तिवाचक
B) द्रव्यवाचक
C) समूहवाचक
D) भाववाचक
उत्तर: (C) समूहवाचक (यह सैनिकों के समूह को दर्शाता है)।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सा शब्द ‘व्यक्तिवाचक संज्ञा’ है? (UP TET Exam)
A) आम
B) गंगा
C) किताब
D) डॉक्टर
उत्तर: (B) गंगा (यह एक विशेष नदी का नाम है; बाकी सब जातिवाचक हैं)।
Q4. ‘सोना’ और ‘चांदी’ शब्दों में कौन सी संज्ञा है?
A) भाववाचक
B) द्रव्यवाचक
C) समूहवाचक
D) जातिवाचक
उत्तर: (B) द्रव्यवाचक (यह धातु/पदार्थ के अंतर्गत आते हैं)।
Q5. ‘लड़का’ शब्द से भाववाचक संज्ञा क्या बनेगी?
A) लड़कापन
B) लड़कपन
C) लरके
D) लड़को
उत्तर: (B) लड़कपन
सर्वनाम की परिभाषा (Definition of Pronoun)
संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किए जाने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं। ‘सर्वनाम’
शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है— सर्व + नाम (यानी सबका नाम)।
- सरल शब्दों में: जो शब्द किसी एक व्यक्ति का नाम न होकर सबके लिए (या किसी भी
संज्ञा के बदले) प्रयुक्त हो सकें, वे सर्वनाम कहलाते हैं। - उदाहरण:
- बिना सर्वनाम के: राम कल विद्यालय नहीं आया, क्योंकि राम बीमार था। (यहाँ
राम शब्द बार-बार आ रहा है जो सुनने में अटपटा लगता है)। - सर्वनाम के साथ: राम कल विद्यालय नहीं आया, क्योंकि वह बीमार था। (यहाँ
‘वह’ शब्द सर्वनाम है)।
- बिना सर्वनाम के: राम कल विद्यालय नहीं आया, क्योंकि राम बीमार था। (यहाँ
- अन्य उदाहरण: मैं, तुम, वह, यह, हम, आप, कोई, जो, कौन आदि।
सर्वनाम के प्रकार / भेद (Types of Pronoun)
प्रयोग और अर्थ की दृष्टि से हिंदी में सर्वनाम के 6 भेद होते हैं:
- पुरुषवाचक सर्वनाम (Personal Pronoun)
जिस सर्वनाम का प्रयोग वक्ता (बोलने वाले), श्रोता (सुनने वाले) या किसी अन्य
व्यक्ति के लिए किया जाता है, उसे पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। इसके 3 उपभेद होते
हैं:
- उत्तम पुरुष (वक्ता/बोलने वाला): मैं, हम, मेरा, हमारा। (उदा: मैं पुस्तक पढ़
रहा हूँ।) - मध्यम पुरुष (श्रोता/सुनने वाला): तू, तुम, आप, तुम्हारा। (उदा: तुम कल कहाँ गए
थे?) - अन्य पुरुष (जिसके बारे में बात हो): वह, वे, यह, ये, उसका। (उदा: वह बहुत
मेहनती छात्र है।)
- निश्चयवाचक सर्वनाम (Demonstrative Pronoun)
जिस सर्वनाम से किसी पास या दूर की वस्तु या व्यक्ति के बारे में निश्चितता का बोध
हो, उसे निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं।
- उदाहरण:
- यह मेरी पुस्तक है। (पास की वस्तु का निश्चित बोध)
- वे हमारे अध्यापक हैं। (दूर के व्यक्ति का निश्चित बोध)
- (नोट: ‘यह’ और ‘वे’ का प्रयोग जब किसी निश्चित संज्ञा की ओर संकेत के लिए
हो, तब यह निश्चयवाचक होता है)।
- अनिश्चयवाचक सर्वनाम (Indefinite Pronoun)
जिस सर्वनाम से किसी निश्चित वस्तु या व्यक्ति का बोध न हो, उसे अनिश्चयवाचक
सर्वनाम कहते हैं।
- प्रमुख शब्द: कोई, कुछ।
- उदाहरण:
- दरवाजे पर कोई खड़ा है। (कौन खड़ा है, यह निश्चित नहीं है)
- दाल में कुछ गिर गया है। (क्या गिरा है, यह स्पष्ट नहीं है)
- संबंधवाचक सर्वनाम (Relative Pronoun)
जिस सर्वनाम से वाक्य में किसी दूसरे सर्वनाम या संज्ञा से संबंध स्थापित किया जाए,
उसे संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं।
- प्रमुख शब्द: जो – सो, जैसी – वैसी।
- उदाहरण:
- जो बोएगा, सो काटेलगा।
- जैसी करनी, वैसी भरनी।
- जो मेहनत करेगा, वही सफल होगा।
- प्रश्नवाचक सर्वनाम (Interrogative Pronoun)
जिस सर्वनाम का प्रयोग किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के बारे में प्रश्न पूछने के
लिए किया जाता है, उसे प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं।
- प्रमुख शब्द: कौन, क्या, किसे, कहाँ।
- उदाहरण:
- बाहर कौन खड़ा है?
- तुमने खाने में क्या मंगाया है?
- निजवाचक सर्वनाम (Reflexive Pronoun)
जिस सर्वनाम का प्रयोग वक्ता अपने स्वयं के लिए (निजता के लिए) करता है, उसे
निजवाचक सर्वनाम कहते हैं।
- प्रमुख शब्द: आप, अपने आप, स्वयं, खुद (यहाँ ‘आप’ का अर्थ आदर के लिए नहीं
बल्कि खुद के लिए होता है)। - उदाहरण:
- मैं अपना कार्य स्वयं करता हूँ।
- वह अपने आप चला जाएगा।
- मैं खुद गाड़ी चला लूंगा।
हिंदी में कुल सर्वनामों की संख्या
मूल रूप से हिंदी में कुल सर्वनामों की संख्या 11 होती है:
मैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कोई, कुछ, कौन, क्या।
महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs & PYQs for Practice)
प्रतियोगिता परीक्षाओं में पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्न:
Q1. ‘हिंदी में कुल सर्वनामों की संख्या कितनी है?’
A) 9
B) 11
C) 13
D) 6
उत्तर: (B) 11
Q2. ‘दरवाजे पर कोई खड़ा है’ – इस वाक्य में रेखांकित पद ‘कोई’ किस प्रकार का
सर्वनाम है? (UP SI Exam)
A) निश्चयवाचक सर्वनाम
B) अनिश्चयवाचक सर्वनाम
C) संबंधवाचक सर्वनाम
D) प्रश्नवाचक सर्वनाम
उत्तर: (B) अनिश्चयवाचक सर्वनाम
Q3. ‘यह मेरी पुस्तक है’ वाक्य में ‘यह’ क्या है?
A) पुरुषवाचक सर्वनाम
B) निश्चयवाचक सर्वनाम
C) निजवाचक सर्वनाम
D) अनिश्चयवाचक सर्वनाम
उत्तर: (B) निश्चयवाचक सर्वनाम
Q4. ‘मैं अपने आप वस्त्र साफ कर लेता हूँ’ – इस वाक्य में ‘अपने आप’ कौन सा सर्वनाम
है?
A) निजवाचक सर्वनाम
B) निश्चयवाचक सर्वनाम
C) पुरुषवाचक सर्वनाम
D) संबंधवाचक सर्वनाम
उत्तर: (A) निजवाचक सर्वनाम (स्वयं या खुद के अर्थ में)।
Q5. ‘जो करेगा, सो भरेगा’ रेखांकित शब्द में सर्वनाम का भेद पहचानिए:
A) निजवाचक सर्वनाम
B) संबंधवाचक सर्वनाम
C) निश्चयवाचक सर्वनाम
D) प्रश्नवाचक सर्वनाम
उत्तर: (B) संबंधवाचक सर्वनाम (‘जो – सो’ संबंध दर्शाते हैं)।
विशेषण की परिभाषा (Definition of Adjective)
जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम शब्दों की विशेषता (गुण, दोष, संख्या, परिमाण, रंग, रूप आदि) बताते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं।
- विशेषण से जुड़े दो मुख्य बिंदु:
- विशेष्य (Noun/Pronoun): जिसकी विशेषता बताई जाए, उसे ‘विशेष्य’ कहते हैं। (उदा: ‘काली गाय’ में ‘गाय’ विशेष्य है)।
- प्रविशेषण (Pre-adjective): जो शब्द विशेषण की भी विशेषता बताते हैं, उन्हें प्रविशेषण कहते हैं। (उदा: ‘रमा बहुत सुंदर लड़की है’ में ‘सुंदर’ विशेषण है और ‘बहुत’ प्रविशेषण है)।
- उदाहरण:
- मीठा आम (आम की विशेषता है कि वह मीठा है)।
- चार लड़के खेल रहे हैं (लड़कों की संख्या ‘चार’ है)।
- काला कुत्ता भौंक रहा है।
विशेषण के प्रकार / भेद (Types of Adjective)
अर्थ और प्रयोग की दृष्टि से हिंदी में विशेषण के मुख्य रूप से 4 भेद होते हैं:
1. गुणवाचक विशेषण (Qualitative Adjective)
जो शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, रूप, आकार, दशा, स्वभाव या स्थान का बोध कराते हैं, उन्हें गुणवाचक विशेषण कहते हैं।
- उदाहरण:
- गुण/दोष: अच्छा, बुरा, ईमानदार, कायर, वीर
- रंग: लाल, काला, पीला, नीला
- आकार: गोल, चौकोर, लंबा, छोटा
- दशा/स्थान: गरीब, अमीर, नया, पुराना, भारतीय
- वाक्य प्रयोग: ताजमहल एक सुंदर इमारत है।
2. संख्यावाचक विशेषण (Numeral Adjective)
जो शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम की संख्या का बोध कराते हैं, उन्हें संख्यावाचक विशेषण कहते हैं।
इसके 2 उपभेद होते हैं:
- निश्चित संख्यावाचक विशेषण: जिससे निश्चित संख्या का बोध हो। (उदा: कक्षा में दस छात्र बैठे हैं, पहला स्थान)।
- अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण: जिससे निश्चित संख्या का बोध न हो। (उदा: मैदान में कुछ लोग खेल रहे हैं, सब लोग आ गए)।
3. परिमाणवाचक विशेषण (Quantitative Adjective)
जो शब्द किसी वस्तु के माप, तोल या परिमाण (मात्रा) का बोध कराते हैं, उन्हें परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।
(ध्यान दें: इसका प्रयोग अमूर्त या ऐसी वस्तुओं के लिए होता है जिन्हेंगिना नहीं जा सकता, केवल मापा या तौला जाता है)।
इसके भी 2 उपभेद होते हैं:
- निश्चित परिमाणवाचक विशेषण: (उदा: मुझे दो मीटर कपड़ा चाहिए, एक किलो चीनी लाओ)।
- अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण: (उदा: चाय में थोड़ी चीनी डालो, दाल में ज्यादा नमक है)।
4. सार्वनामिक या संकेतवाचक विशेषण (Demonstrative Adjective)
जब कोई सर्वनाम शब्द (यह, वह, कोई, जो आदि) किसी संज्ञा से ठीक पहले आकर उसकी विशेषता बताए (या उसकी ओर संकेत करे), तब वह सार्वनामिक विशेषण कहलाता है।
- (नोट: जब ये शब्द अकेले आएं तो सर्वनाम होते हैं, पर संज्ञा के साथ लगकर विशेषता बताएं तो सार्वनामिक विशेषण बन जाते हैं)।
- उदाहरण:
- यह पुस्तक मेरी है। (यहाँ ‘पुस्तक’ संज्ञा से पहले ‘यह’ आया है)।
- वह लड़का बहुत तेज है।
- कोई आदमी बाहर खड़ा है।
महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs & PYQs for Practice)
प्रतियोगिता परीक्षाओं में पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्न:
Q1. ‘विशेषण’ की विशेषता बताने वाले शब्दों को क्या कहते हैं? (UP SI Exam)
A) विशेष्य
B) प्रविशेषण
C) सर्वनाम
D) क्रियाविशेषण
उत्तर: (B) प्रविशेषण
Q2. ‘मीठा आम’ में ‘मीठा’ शब्द किस प्रकार का विशेषण है?
A) संख्यावाचक विशेषण
B) परिमाणवाचक विशेषण
C) गुणवाचक विशेषण
D) सार्वनामिक विशेषण
उत्तर: (C) गुणवाचक विशेषण (यह आम का गुण/स्वादिष्ट होना बताता है)।
Q3. ‘कक्षा में दस छात्र बैठे हैं’ – इस वाक्य में ‘दस’ कौन सा विशेषण है?
A) निश्चित संख्यावाचक विशेषण
B) अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण
C) निश्चित परिमाणवाचक विशेषण
D) गुणवाचक विशेषण
उत्तर: (A) निश्चित संख्यावाचक विशेषण (छात्रों की संख्या निश्चित है)।
Q4. निम्नलिखित में से किस वाक्य में ‘सार्वनामिक विशेषण’ का प्रयोग हुआ है?
A) वह बहुत सुंदर है।
B) यह घर मेरा है।
C) कुछ लोग बाहर खड़े हैं।
D) राम ने चार आम खाए।
उत्तर: (B) यह घर मेरा है (यहाँ ‘घर’ संज्ञा से पहले ‘यह’ आया है, जो संकेत कर रहा है)।
Q5. ‘थोड़ा दूध दो’ वाक्य में ‘थोड़ा’ शब्द किस कोटि का विशेषण है?
A) निश्चित परिमाणवाचक
B) अनिश्चित परिमाणवाचक
C) अनिश्चित संख्यावाचक
D) गुणवाचक
उत्तर: (B) अनिश्चित परिमाणवाचक (दूध को मापा-तौला जाता है और ‘थोड़ा’ एक निश्चित मात्रा नहीं है)।
क्रिया की परिभाषा (Definition of Verb)
जिस शब्द से किसी कार्य के करने या होने का बोध हो, अथवा किसी घटना, स्थिति या अस्तित्व का पता चले, उसे क्रिया कहते हैं।
- धातु (Root Word): क्रिया के मूल रूप को ‘धातु’ कहते हैं। धातु में ‘ना’ प्रत्यय जोड़ने से क्रिया का सामान्य रूप बनता है।
- उदा: ‘पड़’ धातु है, जिसमें ‘ना’ जोड़ने से पढ़ना क्रिया बनती है।
- उदाहरण:
- राम पुस्तक पढ़ रहा है।
- बच्चा मैदान में दौड़ रहा है।
- आसमान में पक्षी उड़ रहे हैं।
क्रिया के प्रकार / भेद (Types of Verb)
क्रिया का वर्गीकरण मुख्य रूप से तीन आधारों पर किया जाता है:
1. कर्म के आधार पर क्रिया के भेद (Based on Object)
कर्म की उपस्थिति या अनुपस्थिति के आधार पर क्रिया के दो मुख्य भेद हैं:
क) सकर्मक क्रिया (Transitive Verb)
जिस क्रिया के कार्य का फल कर्म पर पड़ता है (अर्थात वाक्य में कर्म का होना आवश्यक होता है या संभावना होती है), उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं।
- पहचान: वाक्य में क्रिया के साथ “क्या” या “किसे” लगाकर प्रश्न करने पर यदि उत्तर मिल जाए, तो वह सकर्मक क्रिया होती है।
- उदाहरण:
- राम फल खाता है। (प्रश्न: राम क्या खाता है? ➔ उत्तर: फल)
- अध्यापक ने छात्रों को पढ़ाया। (प्रश्न: किसे पढ़ाया? ➔ छात्रों को)
ख) अकर्मक क्रिया (Intransitive Verb)
जिस क्रिया के कार्य का फल सीधे कर्ता पर पड़ता है, वाक्य में कर्म नहीं होता है, उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं।
- पहचान: इसमें “क्या” का उत्तर नहीं मिलता।
- उदाहरण:
- पक्षी आकाश में उड़ते हैं।
- बच्चा जोर-जोर से हंस रहा है।
- शेर सो रहा है।
2. रचना या बनावट के आधार पर क्रिया के भेद
रचना के आधार पर क्रिया के कई भेद होते हैं, जिनमें से मुख्य निम्नलिखित हैं:
- सामान्य क्रिया: जहाँ वाक्य में केवल एक ही क्रिया का प्रयोग हो। (उदा: मोहन गया)।
- संयुक्त क्रिया: जब दो या दो से अधिक भिन्नार्थक क्रियाएँ मिलकर किसी एक पूर्ण क्रिया को पूरा करें। (उदा: वह खाना खा चुका है, पानी बहने लगा)।
- नामधातु क्रिया: जो क्रियाएँ संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण शब्दों से बनती हैं। (उदा: हाथ से हथियाना, बात से बताना/बतियाना, अपना से अपनाना)।
- प्रेरणार्थक क्रिया: जब कर्ता स्वयं कार्य न करके किसी अन्य को कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
- प्रथम प्रेरणार्थक: पढ़ाना ➔ पढ़ाना / लिखाना
- द्वितीय प्रेरणार्थक: पढ़वाना ➔ पढ़वाना / लिखवाना (उदा: मालिक नौकर से कार साफ करवाता है)।
- पूर्वकालिक क्रिया: मुख्य क्रिया से पहले यदि कोई दूसरी क्रिया समाप्त हो चुकी हो, तो पहली क्रिया को पूर्वकालिक क्रिया कहते हैं। (उदा: चोर सामान चुराकर भाग गया)।
3. काल या प्रयोग के आधार पर क्रिया के भेद
- समापिका क्रिया: जिससे वाक्य की समाप्ति का बोध हो। (उदा: बच्चा सो गया)।
- असमापिका क्रिया: जो क्रिया वाक्य के अंत में न आकर बीच में आए और समाप्त न हो। (उदा: वह हंसते हुए बोला)।
महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs & PYQs for Practice)
प्रतियोगिता परीक्षाओं (जैसे UP SI, UPSSSC, SSC) में पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्न:
Q1. ‘क्रिया के मूल रूप’ को क्या कहा जाता है? (UPSSSC Exam)
A) धातु
B) प्रत्यय
C) कारक
D) कर्म
उत्तर: (A) धातु
Q2. निम्नलिखित में से किस वाक्य में ‘सकर्मक क्रिया’ है?
A) पक्षी आकाश में उड़ते हैं।
B) बालक सो रहा है।
C) राम ने फल खाया।
D) मछली पानी में तैरती है।
उत्तर: (C) राम ने फल खाया (यहाँ ‘फल’ कर्म है, जबकि बाकी तीनों अकर्मक क्रियाएँ हैं)।
Q3. ‘लड़का पेड़ से गिर पड़ा’ – इस वाक्य में ‘गिर पड़ा’ किस प्रकार की क्रिया है?
A) अकर्मक क्रिया
B) सकर्मक क्रिया
C) संयुक्त क्रिया
D) प्रेरणार्थक क्रिया
उत्तर: (C) संयुक्त क्रिया (गिरना और पड़ना दो क्रियाएँ मिलकर एक अर्थ दे रही हैं)।
Q4. ‘अपना’ शब्द से बनी ‘नामधातु क्रिया’ कौन सी है?
A) अपनापन
B) अपनाना
C) आपसी
D) पैतृक
उत्तर: (B) अपनाना (‘अपना’ सर्वनाम से ‘अपनाना’ नामधातु क्रिया बनी है)।
Q5. अध्यापक ने छात्र से पाठ पढ़वाया – इस वाक्य में ‘पढ़वाया’ कौन सी क्रिया है?
A) सकर्मक क्रिया
B) पूर्वकालिक क्रिया
C) प्रेरणार्थक क्रिया
D) नामधातु क्रिया
उत्तर: (C) प्रेरणार्थक क्रिया (जहाँ कर्ता स्वयं न पढ़कर दूसरे से प्रेरणा देकर काम करवा रहा है)।
संधि की परिभाषा (Definition of Sandhi)
दो निकटवर्ती वर्णों के परस्पर मेल से जो विकार (परिवर्तन) उत्पन्न होता है, उसे संधि कहते हैं।
- उदाहरण: विद्या + आलय = विद्यालय (यहाँ प्रथम शब्द का अंतिम वर्ण ‘आ’ और द्वितीय शब्द का प्रथम वर्ण ‘आ’ मिलकर ‘आ’ ही बनाते हैं)।
नोट (संधि और समास में अंतर): संधि वर्णों का मेल है, जबकि समास शब्दों का मेल है।
संधि के प्रकार / भेद (Types of Sandhi)
वर्णों के मेल के आधार पर संधि के तीन मुख्य भेद होते हैं:
- स्वर संधि
- व्यंजन संधि
- विसर्ग संधि
1. स्वर संधि (Swar Sandhi)
दो स्वरों के परस्पर मेल से जो परिवर्तन होता है, उसे स्वर संधि कहते हैं। स्वर संधि के 5 उपभेद होते हैं:
क) दीर्घ स्वर संधि
जहाँ ह्रस्व या दीर्घ अ, इ, उ, ऋ के बाद समान (ह्रस्व या दीर्घ) स्वर आएँ, तो दोनों मिलकर दीर्घ (आ, ई, ऊ) हो जाते हैं।
- नियम: अ/आ + अ/आ = आ | इ/ई + इ/ई = ई | उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
- उदाहरण:
- हिम + आलय = हिमालय (अ + आ = आ)
- पुस्तक + आलय = पुस्तकालय
- गिरी + ईश = गिरीश (इ + ई = ई)
- भानु + उदय = भान्युदय (उ + उ = ऊ)
ख) गुण स्वर संधि
यदि अ या आ के बाद इ/ई आए, तो ‘ए’; उ/ऊ आए, तो ‘ओ’; तथा ऋ आए, तो ‘अर्’ बन जाता है।
- उदाहरण:
- नर + इंद्र = नरेन्द्र (अ + इ = ए)
- महा + इंद्र = महेन्द्र
- सूर्य + उदय = सूर्योदय (अ + उ = ओ)
- महा + ऋषि = महर्षि (आ + ऋ = अर्)
ण) वृद्धि स्वर संधि
यदि अ या आ के बाद ए या ऐ आए, तो दोनों के स्थान पर ‘ऐ’ हो जाता है; तथा ओ या औ आए, तो दोनों के स्थान पर ‘औ’ हो जाता है।
- उदाहरण:
- सदा + एव = सदैव (आ + ए = ऐ)
- महा + ओषधि = महौषधि (आ + ओ = औ)
- वन + औषधि = वनौषधि
घ) यण स्वर संधि
यदि इ/ई, उ/ऊ, या ऋ के बाद कोई भिन्न (असमान) स्वर आए, तो इ/ई का ‘य’, उ/ऊ का ‘व’, और ऋ का ‘र’ हो जाता है।
- उदाहरण:
- अति + आचार = अत्याचार (इ + आ = त्य)
- सु + आगत = स्वागत (उ + आ = वा)
- पितृ + आज्ञा = पित्रज्ञा (ऋ + आ = त्र)
ङ) अयादि स्वर संधि
यदि ए, ऐ, ओ, औ के बाद कोई भिन्न स्वर आए, तो ए ➔ अय, ऐ ➔ आय, ओ ➔ अव, और औ ➔ आव बन जाता है।
- उदाहरण:
- ने + अन = नयन (ए + अ = अय)
- गै + अक = गायक (ऐ + अ = आय)
- पो + अन = पवन (ओ + अ = अव)
- पौ + अन = पावन (औ + अ = आव)
2. व्यंजन संधि (Vyanjan Sandhi)
जब किसी व्यंजन का मेल किसी स्वर या व्यंजन से होता है, तब जो परिवर्तन होता है, उसे व्यंजन संधि कहते हैं।
- उदाहरण:
- वाक् + ईश = वागीश (क का ग् में परिवर्तन)
- उत् + लास = उल्लास (त् का ल् में परिवर्तन)
- सम + तोष = संतोष (म् का अनुस्वार ‘ं’ बनना)
- सत् + भावना = सद्भावना (त् का द् में परिवर्तन)
3. विसर्ग संधि (Visarg Sandhi)
विसर्ग (:) के बाद यदि स्वर या व्यंजन आए, तो विसर्ग में जो विकार उत्पन्न होता है, उसे विसर्ग संधि कहते हैं।
- उदाहरण:
- मनः + अनुकूल = मनोनुकूल (विसर्ग का ‘ओ’ बनना)
- निः + पाप = निःपाप या निष्पाप (विसर्ग का ‘ष्’ बनना)
- दुः + चरित्र = दुश्चरित्र (विसर्ग का ‘श्’ बनना)
- यशः + इच्छा = यशेच्छा
महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs & PYQs for Practice)
प्रतियोगिता परीक्षाओं में पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्न:
Q1. ‘स्वागत’ शब्द का सही संधि विच्छेद क्या है? (UPSSSC Exam)
A) स्व + आगत
B) सु + आगत
C) सू + गत
D) स् + वागत
उत्तर: (B) सु + आगत (यह यण स्वर संधि का उदाहरण है)।
Q2. ‘दिग्दर्शक’ में प्रयुक्त संधि का नाम क्या है?
A) स्वर संधि
B) व्यंजन संधि
C) विसर्ग संधि
D) दीर्घ संधि
उत्तर: (B) व्यंजन संधि (दिक् + दर्शक = दिग्दर्शक)।
Q3. ‘पवित्र’ का सही संधि विच्छेद निम्नलिखित में से कौन सा है? (RO/ARO Exam)
A) पो + इत्र
B) पौ + इत्र
C) पो + त्र
D) पा + विम
उत्तर: (A) पो + इत्र (यह अयादि स्वर संधि का उदाहरण है, ओ + इ = वि)।
Q4. ‘निश्चय’ का सही संधि विच्छेद क्या होगा?
A) निस् + चय
B) निः + चय
C) नि + श्चय
D) निश्च + य
उत्तर: (B) निः + चय (यह विसर्ग संधि का उदाहरण है)।
Q5. ‘सूर्योदय’ शब्द में कौन सी संधि है? (UP TET Exam)
A) दीर्घ संधि
B) गुण संधि
C) वृद्धि संधि
D) यण संधि
उत्तर: (B) गुण संधि (सूर्य + उदय, अ + उ मिलकर ‘ओ’ बनाते हैं)।
समास की परिभाषा (Definition of Samas)
दो या दो से अधिक शब्दों के परस्पर मिलन से एक नया और संक्षिप्त शब्द बनाने की प्रक्रिया को समास कहते हैं।
- सामासिक पद: समास के नियमों से बना छोटा शब्द (जैसे- राजपुत्र)।
- समास-विग्रह: सामासिक पद के सभी अंगों को अलग-अलग करके दिखाने की प्रक्रिया (जैसे- राजा का पुत्र)।
नोट (संधि और समास में अंतर): संधि वर्णों का मेल है, जबकि समास शब्दों का मेल है।
समास के प्रकार / भेद (Types of Samas)
पद की प्रधानता और अर्थ के आधार पर समास के मुख्य रूप से 6 भेद होते हैं:
- अव्ययीभाव समास
- तत्पुरुष समास
- कर्मधारय समास
- द्विगु समास
- द्वंद्व समास
- बहुव्रीहि समास
1. अव्ययीभाव समास (Avyayibhav Samas)
जिस सामासिक पद का पहला पद प्रधान हो और वह ‘अव्यय’ (या उपसर्ग) हो, तथा जिसके मिलने से पूरा पद भी अव्यय (क्रियाविशेषण की तरह) बन जाए, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं।
- पहचान: इसमें पहला पद प्रायः यथा, प्र, प्रति, आ, भर, हर आदि उपसर्ग होते हैं।
- उदाहरण:
- यथा + शक्ति = यथाशक्ति (शक्ति के अनुसार)
- आ + जीवन = आजीवन (जीवन भर)
- प्रति + दिन = प्रतिदिन (हर दिन)
- पेट + भर = पेटभर (पेट भरकर)
2. तत्पुरुष समास (Tatpurush Samas)
जिस सामासिक पद में दूसरा (उत्तर) पद प्रधान होता है और दोनों पदों के बीच के कारक चिन्हों (ने, को, से, के लिए, से, का/की/के, में/पर) का लोप होता है, उसे तत्पुरुष समास कहते हैं।
- कारक चिन्हों के आधार पर इसके उपभेद होते हैं (जैसे- कर्म तत्पुरुष, करण तत्पुरुष आदि)।
- उदाहरण:
- गगन को चूमने वाला = गगनचुंबी (कर्म तत्पुरुष)
- रेखा से अंकित = रेखांकित (करण तत्पुरुष)
- देश के लिए भक्ति = देशभक्ति (संप्रदान तत्पुरुष)
- मार्ग से भ्रष्ट = मार्गभ्रष्ट (अपादान तत्पुरुष)
- राजा का पुत्र = राजपुत्र (संबंध तत्पुरुष)
- डिब्बे में बंद = डिब्बाबंद (अधिकरण तत्पुरुष)
3. कर्मधारय समास (Karmadhary Samas)
जिस सामासिक पद के दोनों पदों में विशेषण-विशेष्य (या उपमान-उपमेय) का संबंध होता है (अर्थात एक पद दूसरे की विशेषता बताता है या तुलना करता है), उसे कर्मधारय समास कहते हैं।
- उदाहरण:
- नीला है जो कमल = नीलकमल (कमल की विशेषता है कि वह नीला है)
- महान है जो पुरुष = महापुरुष
- चंद्र के समान मुख = चंद्रमुख (मुख की तुलना चंद्रमा से की गई है)
- क्रोधाग्नि = क्रोध रूपी अग्नि
4. द्विगु समास (Digu Samas)
जिस सामासिक पद का पहला पद संख्यावाची होता है और जो किसी समूह या समाहार का बोध कराता है, उसे द्विगु समास कहते हैं।
- उदाहरण:
- चार राहों का समूह = चौराहा
- तीन रंगों का समूह = तिरंगा
- नौ रत्नों का समूह = नवरत्न
- तीन कोणों का समूह = त्रिकोण
5. द्वंद्व समास (Dvandva Samas)
जिस सामासिक पद के दोनों पद प्रधान होते हैं और बीच में ‘और’, ‘या’, ‘एवं’ जैसे योजक शब्दों का लोप होता है (तथा दोनों पद एक-दूसरे के विपरीत या पूरक होते हैं), उसे द्वंद्व समास कहते हैं।
- उदाहरण:
- माता और पिता = माता-पिता
- दिन और रात = दिन-रात
- पाप और पुण्य = पाप-पुण्य
- ऊपर और नीचे = ऊपर-नीचे
6. बहुव्रीहि समास (Bahuvrihi Samas)
जिस सामासिक पद में दोनों पदों में से कोई भी पद प्रधान नहीं होता, बल्कि दोनों पद मिलकर किसी तीसरे (अन्य) पद की ओर संकेत करते हैं (और वही तीसरा अर्थ प्रधान होता है), उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं।
- उदाहरण:
- दस हैं मुख जिसके अर्थात् = दशानन (रावण)
- नीला है कंठ जिसका अर्थात् = नीलकंठ (शिव)
- लंबा है उदर जिसका अर्थात् (गणेश) = लंबोदर
- चक्र है हाथ में जिसके अर्थात् (विष्णु) = चक्रपाणि
महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs & PYQs for Practice)
प्रतियोगिता परीक्षाओं में पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्न:
Q1. ‘चतुरानन’ शब्द में कौन सा समास है? (UPSSSC Exam)
A) द्विगु समास
B) कर्मधारय समास
C) बहुव्रीहि समास
D) तत्पुरुष समास
उत्तर: (C) बहुव्रीहि समास (चार हैं आनंद जिसके अर्थात् ब्रह्मा जी। यहाँ तीसरा अर्थ प्रधान है)।
Q2. ‘तिरंगा’ शब्द में कौन सा समास है?
A) द्विगु समास
B) द्वंद्व समास
C) अव्ययीभाव समास
D) कर्मधारय समास
उत्तर: (A) द्विगु समास (पहला पद ‘त्रि’ यानी तीन, संख्यावाची है)।
Q3. जिस समास के दोनों पद प्रधान होते हैं, उसे क्या कहते हैं? (RO/ARO Exam)
A) द्विगु समास
B) द्वंद्व समास
C) तत्पुरुष समास
D) अव्ययीभाव समास
उत्तर: (B) द्वंद्व समास (जैसे- माता-पिता)।
Q4. ‘यथाशक्ति’ में कौन सा समास है?
A) अव्ययीभाव समास
B) तत्पुरुष समास
C) कर्मधारय समास
D) बहुव्रीहि समास
उत्तर: (A) अव्ययीभाव समास (पहला पद ‘यथा’ अव्यय/उपसर्ग है)।
Q5. ‘नीलकंठ’ शब्द में कौन सा समास है? (UP TET Exam)
A) कर्मधारय समास
B) बहुव्रीहि समास
C) द्वंद्व समास
D) द्विगु समास
उत्तर: (B) बहुव्रीहि समास (नीला है कंठ जिसका अर्थात् भगवान शिव। यदि विकल्प में बहुव्रीहि न हो, तब कर्मधारय लगाया जाता है)।
कारक की परिभाषा (Definition of Karak)
संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से उसका संबंध वाक्य की क्रिया (Verb) या अन्य शब्दों के साथ जाना जाए, उसे कारक कहते हैं।
- परसर्ग या विभक्ति चिह्न: कारक को प्रकट करने के लिए संज्ञा या सर्वनाम के आगे जो चिह्न (जैसे- ने, को, से, के लिए आदि) लगाए जाते हैं, उन्हें विभक्ति या परसर्ग कहते हैं।
कारक के प्रकार / भेद (Types of Karak)
हिंदी में कारक के कुल 8 भेद होते हैं। प्रत्येक कारक का अपना एक निश्चित विभक्ति चिह्न (परसर्ग) और अर्थ होता है:
| क्र.सं. | कारक का नाम | विभक्ति चिह्न (परसर्ग) | मुख्य अर्थ / लक्षण |
| 1. | कर्ता कारक | ने | क्रिया को करने वाला |
| 2. | कर्म कारक | को | जिस पर क्रिया का प्रभाव पड़े |
| 3. | करण कारक | से, के द्वारा | जिस साधन या माध्यम से क्रिया हो |
| 4. | संप्रदान कारक | को, के लिए | जिसके लिए कुछ किया जाए या कुछ दिया जाए |
| 5. | अपादान कारक | से (अलगाव) | जहाँ किसी वस्तु का दूसरी वस्तु से अलग होने का भाव हो |
| 6. | संबंध कारक | का, की, के, रा, री, रे | जिससे एक वस्तु/व्यक्ति का दूसरे से संबंध, अधिकार या स्वामित्व प्रकट हो |
| 7. | अधिकरण कारक | में, पर | क्रिया के होने का आधार या स्थान |
| 8. | संबोधन कारक | हे!, अरे!, ओ! | किसी को पुकारने या संबोधित करने के लिए |
विस्तृत विवरण और उदाहरण (Detailed Explanation with Examples)
1. कर्ता कारक (Nominative Case)
- पहचान/चिह्न: ने (कभी-कभी बिना चिह्न के भी होता है)।
- विवरण: वाक्य में जो काम को करने वाला होता है, वह कर्ता कारक कहलाता है।
- उदाहरण:
- राम ने रावण को मारा।
- बालक पुस्तक पढ़ रहा है। (यहाँ ‘ने’ चिह्न छिपा हुआ है)।
2. कर्म कारक (Accusative Case)
- पहचान/चिह्न: को
- विवरण: वाक्य में जिस शब्द पर क्रिया का प्रभाव या फल पड़ता है, उसे कर्म कारक कहते हैं।
- उदाहरण:
- अध्यापक ने छात्रको डाँटा।
- माँ ने बच्चे को सुलाया।
3. करण कारक (Instrumental Case)
- पहचान/चिह्न: से, के द्वारा (साधन के अर्थ में)।
- विवरण: कर्ता जिस साधन या माध्यम से क्रिया को संपन्न करता है, वहाँ करण कारक होता है।
- उदाहरण:
- वह कलम से पत्र लिखता है।
- अर्जुन ने बाण से मछली की आँख वेदी।
4. संप्रदान कारक (Dative Case)
- पहचान/चिह्न: को, के लिए[1] (देने के अर्थ में या जिसके लिए कार्य हो)।
- विवरण: जिसके लिए कोई कार्य किया जाए या जिसे कुछ सदा के लिए दिया जाए, वहाँ संप्रदान कारक होता है।
- उदाहरण:
- राजा ने गरीबों को कंबल दिए (दान देने के अर्थ में ‘को’ संप्रदान है)।
- गुरु जी के लिए पानी लाओ।
5. अपादान कारक (Ablative Case)
- पहचान/चिह्न: से (अलग होने का भाव)
- विवरण: जहाँ किसी वस्तु या व्यक्ति का किसी दूसरी वस्तु से अलग होने, डरने, तुलना करने या सीखने का बोध हो, वहाँ अपादान कारक होता है (याद रखें: यहाँ ‘से’ का प्रयोग अलगाव के लिए होता है, जबकि करण में ‘से’ साधन के लिए होता है)
- उदाहरण:
- पेड़ से पत्ता गिरा। (पेड़ से पत्ता अलग हो रहा है)
- गंगा हिमालय से निकलती है
- बिल्ली चूहे से डरती है।
6. संबंध कारक (Genitive Case)
- पहचान/चिह्न: का, की, के, रा, री, रे
- विवरण: जिससे संज्ञा या सर्वनाम का किसी दूसरे पद के साथ संबंध या अधिकार प्रकट हो
- उदाहरण:
- यह राम की पुस्तक है[
- वह सुरेश का भाई है।
- यह मेरा घर है (‘रा’ आ गया)।
7. अधिकरण कारक (Locative Case)
- पहचान/चिह्न: में, पर
- विवरण: जिससे क्रिया के होने के आधार, समय या स्थान का बोध हो, उसे अधिकरण कारक कहते हैं|
- उदाहरण:
- मेधावी छात्र छत पर पढ़ रहा है
- मछली पानी में तैरती है।
- सिंह वन में रहता है
8. संबोधन कारक (Vocative Case)
- पहचान/चिह्न: हे!, अरे!, ओ!, अजी!
- विवरण: जिससे किसी को पुकारने, बुलाने या संकेत करने का भाव प्रकट हो
- उदाहरण:
- हे भगवान! मेरी रक्षा करो।
- अरे बालकों! शोर मत मचाओ।
महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs & PYQs for Practice)
प्रतियोगिता परीक्षाओं में पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्न:
Q1. हिंदी में कारक के कुल कितने भेद होते हैं? (UP TET / SSC Exam)
A) 6
B) 7
C) 8
D) 9
उत्तर: (C) 8
Q2. ‘पेड़ से पत्ता गिरा’ – इस वाक्य में कौन सा कारक है? (RO/ARO Exam)
A) करण कारक
B) अपादान कारक
C) कर्म कारक
D) संप्रदान कारक
उत्तर: (B) अपादान कारक (जहाँ ‘से’ का प्रयोग अलगाव के लिए हो)
Q3. ‘माँ ने भिखारी को खाना खिलाया’ – वाक्य में कौन सा कारक है?
A) कर्म कारक
B) संप्रदान कारक
C) करण कारक
D) अपादान कारक
उत्तर: (B) संप्रदान कारक (जब किसी को कुछ दिया जाए या परोपकारार्थ कर्म हो, तो वहाँ संप्रदान होता है)
Q4. ‘सिंह वन में रहता है’ – इस वाक्य में प्रयुक्त कारक कौन सा है? (UPSSSC Exam)
A) करण कारक
B) अपादान कारक
C) अधिकरण कारक
D) संबंध कारक
उत्तर: (C) अधिकरण कारक (‘में’ और ‘पर’ आधार या स्थान का बोध कराते हैं)
Q5. ‘वह कलम से पत्र लिखता है’ – इस वाक्य में ‘कलम से’ में कौन सा कारक है?
A) अपादान कारक
B) करण कारक
C) कर्ता कारक
D) संप्रदान कारक
उत्तर: (B) करण कारक (यहाँ ‘से’ साधन या माध्यम का कार्य कर रहा है|
काल की परिभाषा (Definition of Tense)
क्रिया के जिस रूप से उसके होने के समय (बीता हुआ समय, वर्तमान समय या आने वाला समय) का बोध हो, उसे काल कहते हैं।
- उदाहरण:
- राम पढ़ रहा है। (वर्तमान समय)
- राम ने पढ़ाई की थी। (बीता हुआ समय)
- राम कल पढ़ेगा। (आने वाला समय)
काल के प्रकार / भेद (Types of Tense)
क्रिया के समय के आधार पर काल के मुख्य रूप से 3 भेद होते हैं:
- वर्तमान काल (Present Tense)
- भूतकाल (Past Tense)
- भविष्यत् काल (Future Tense)
1. वर्तमान काल (Present Tense)
जो समय चल रहा है (यानी जिस समय में क्रिया का होना पाया जाए), उसे वर्तमान काल कहते हैं।
- पहचान: वाक्य के अंत में ‘है’, ‘हैं’, ‘हो’ आदि आते हैं।
- वर्तमान काल के 5 उपभेद होते हैं:
- सामान्य वर्तमान काल: जिससे वर्तमान काल में क्रिया का होना सामान्य रूप से पाया जाए।
- उदा: ता है, ती है, ते हैं। (राम किताब पढ़ता है।)
- तत्कालिक / अपूर्ण वर्तमान काल: जिससे यह पता चले कि क्रिया वर्तमान समय में जारी (चल) रही है, अभी समाप्त नहीं हुई है।
- उदा: रहा है, रही है, रहे हैं। (मोहन खेल रहा है।)
- पूर्ण वर्तमान काल: जिससे क्रिया के वर्तमान काल में ही पूरा होने का बोध हो।
- उदा: चुका है, चुकी है, आ है, ई है। (मैंने खाना खा लिया है।)
- संदिग्ध वर्तमान काल: जहाँ वर्तमान काल में क्रिया के होने या करने में संदेह हो, लेकिन उसकी निरंतरता बनी रहे।
- उदा: ता होगा, ती होगी। (वह पढ़ रहा होगा।)
- संभाव्य वर्तमान काल: जिससे वर्तमान काल में क्रिया के पूरा होने की संभावना का बोध हो।
- उदा: शायद वर्षा होई हो।
- सामान्य वर्तमान काल: जिससे वर्तमान काल में क्रिया का होना सामान्य रूप से पाया जाए।
2. भूतकाल (Past Tense)
जो समय बीत चुका हो (यानी जिस क्रिया से बीते हुए समय का बोध हो), उसे भूतकाल कहते हैं।
- पहचान: वाक्य के अंत में ‘था’, ‘थी’, ‘थे’, ‘आ’, ‘ई’, ‘ए’ आदि आते हैं।
- भूतकाल के 6 उपभेद होते हैं:
- सामान्य भूतकाल: जिससे बीते हुए समय में क्रिया के सामान्य रूप से संपन्न होने का बोध हो (इसमें समय निश्चित नहीं होता)।
- उदा: राम गया। / सीता ने पुस्तक पढ़ी।
- आसन्न भूतकाल: जिससे यह पता चले कि क्रिया अभी-अभी कुछ समय पहले ही समाप्त हुई है (यह वर्तमान के निकट होता है)।
- उदा: मैं अभी खाना खाकर आया हूँ। / वह गया है।
- पूर्ण भूतकाल: जिससे यह बोध हो कि क्रिया को बीते हुए बहुत समय हो चुका है (यानी कार्य बहुत पहले पूरा हो चुका था)।
- उदा: भारत 15 अगस्त 1947 को आज़ाद हुआ था। / उसने रावण को मारा था।
- अपूर्ण भूतकाल: जिससे यह पता चले कि भूतकाल में क्रिया जारी थी, लेकिन उसके समाप्त होने का समय ज्ञात नहीं था।
- उदा: रहा था, रही थी, रहे थे। (बच्चे मैदान में खेल रहे थे।)
- संदिग्ध भूतकाल: जहाँ भूतकाल में क्रिया के होने या न होने में संदेह प्रकट हो।
- उदा: उसने परीक्षा पास कर ली होगी। / बस छूट गई होगी।
- हेतुहेतुमद् भूतकाल: जहाँ भूतकाल में एक क्रिया का होना दूसरी क्रिया पर निर्भर करता हो (यानी यदि पहली क्रिया न होती, तो दूसरी भी न होती)।
- उदा: यदि तुमने अच्छी मेहनत की होती, तो तुम अवश्य पास हो जाते। / यदि वर्षा होती, तो फसल न सूखती।
- सामान्य भूतकाल: जिससे बीते हुए समय में क्रिया के सामान्य रूप से संपन्न होने का बोध हो (इसमें समय निश्चित नहीं होता)।
3. भविष्यत् काल (Future Tense)
आने वाले समय को भविष्यत् काल कहते हैं। इससे यह बोध होता है कि क्रिया आने वाले समय में होगी।
- पहचान: वाक्य के अंत में ‘गा’, ‘गी’, ‘गे’ आदि आते हैं।
- भविष्यत् काल के 3 उपभेद होते हैं:
- सामान्य भविष्यत् काल: जिससे यह पता चले कि क्रिया आने वाले समय में सामान्य रूप से होगी।
- उदा: गा, गी, गे। (कल हम विद्यालय जहाँगे। / वह कल पुस्तक पड़ेगा।)
- संभाव्य भविष्यत् काल: जहाँ भविष्य में किसी कार्य के होने की संभावना या इच्छा व्यक्त की जाए।
- उदा: शायद कल वर्षा होगी। / शायद वह कल आए।
- हेतुहेतुमद् भविष्यत् काल: जहाँ एक क्रिया का होना दूसरी आने वाली क्रिया पर निर्भर करता हो।
- उदा: यदि आप आएँगे, तो मैं अवश्य चलूँगा। / वह पढ़ेगा, तो पास होगा।
- सामान्य भविष्यत् काल: जिससे यह पता चले कि क्रिया आने वाले समय में सामान्य रूप से होगी।
महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs & PYQs for Practice)
प्रतियोगिता परीक्षाओं में पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्न:
Q1. ‘शीला ने एक पुस्तक लिखी’ – इस वाक्य में कौन सा काल है? (UPSSSC Exam)
A) सामान्य वर्तमान काल
B) पूर्ण भूतकाल
C) सामान्य भूतकाल
D) तात्कालिक वर्तमान
उत्तर: (C) सामान्य भूतकाल (क्रिया बीते समय में सामान्य रूप से पूरी हुई है)।
Q2. ‘यदि वर्षा होती, तो फसल अच्छी होती’ – यह वाक्य किस काल का उदाहरण है? (RO/ARO Exam)
A) हेतुहेतुमद् भूतकाल
B) हेतुहेतुमद् भविष्यत् काल
C) संदिग्ध भूतकाल
D) पूर्ण भूतकाल
उत्तर: (A) हेतुहेतुमद् भूतकाल (बीते समय में एक क्रिया का होना दूसरी पर निर्भर था)।
Q3. ‘मोहन पढ़ रहा होगा’ – वाक्य किस काल को दर्शाता है?
A) सामान्य वर्तमान
B) संदिग्द्ध वर्तमान
C) अपूर्ण वर्तमान
D) तात्कालिक वर्तमान
उत्तर: (B) संदिग्द्ध वर्तमान (वर्तमान में कार्य जारी है, पर उसमें संदेह है कि पढ़ रहा होगा या नहीं)।
Q4. ‘मैं खाना खा चुका हूँ’ – इस वाक्य में कौन सा काल है?
A) आसन्न भूतकाल
B) पूर्ण भूतकाल
C) सामान्य भूतकाल
D) पूर्ण वर्तमान काल
उत्तर: (A) आसन्न भूतकाल (या पूर्ण वर्तमान – जब विकल्प में आसन्न भूतकाल हो, तो उसे प्राथमिकता दी जाती है क्योंकि कार्य अभी-अभी समाप्त हुआ है)।
Q5. हिंदी में काल के कुल कितने भेद माने जाते हैं?
A) 2
B) 3
C) 5
D) 6
उत्तर: (B) 3 (वर्तमान काल, भूतकाल और भविष्यत् काल)।
>>> यहाँ हिंदी व्याकरण के अन्य महत्वपूर्ण और परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले पिक्स के अधिक उदाहरण (More Examples with Explanations) दिए गए हैं, जिन्हें आप अपने नोट्स में जोड़ सकते हैं :–
- तत्सम एवं तद्भव शब्द (Tatsam & Tadbhav Words)
तत्सम शब्द वे हैं जो संस्कृत से सीधे हिंदी में आए हैं, और तद्भव वे हैं जो रूप
बदलकर हिंदी में आए हैं।
- अग्नि (तत्सम) ➔ आग (तद्भव)
- सूर्य (तत्सम) ➔ सूरज (तद्भव)
- दुग्ध (तत्सम) ➔ दूध (तद्भव)
- अंधकार (तत्सम) ➔ अंधेर / अंधेरा (तद्भव)
- कर्ण (तत्सम) ➔ कान (तद्भव)
- जिह्वा (तत्सम) ➔ जीभ (तद्भव)
- मत्स्य (तत्सम) ➔ मछली (तद्भव)
- पर्यायवाची शब्द (Synonyms)
- कमल: पंकज, जलज, सरोज, अंबुज, नीरज।
- सूर्य: भास्कर, दिवाकर, रवि, भानु, सूरज।
- गंगा: देवनदी, मंदाकिनी, भागीरथी, सुरसरि।
- हाथी: गज, नाग, कुंजर, मतंग।
- पानी (जल): नीर, वारि, अंबू, तोय, पाथक।
- विलोम शब्द (Antonyms)
- अमृत ➔ विष
- आकाश ➔ पाताल
- उष्ण ➔ शीतल
- चल ➔ अचल
- धर्म ➔ अधर्म
- न्याय ➔ अन्याय
- लोक ➔ परलोक
- अनेक शब्दों के लिए एक शब्द (One Word Substitution)
- जो कभी न मरे ➔ अमर
- जो सब कुछ जानता हो ➔ सर्वज्ञ
- जिसका कोई अंत न हो ➔ अनंत
- जो आंखों के सामने न हो ➔ परोक्ष या अप्रत्यक्ष
- इतिहास से संबंधित ➔ ऐतिहासिक
- पैरों से लेकर सिर तक ➔ अपাদमस्तक
- मुहावरे और लोकोक्तियाँ (Idioms & Proverbs)
- अंगूठा दिखाना: ऐन वक्त पर धोखा देना या मना करना।
- वाक्य प्रयोग: जब मैंने संकट के समय मदद मांगी, तो उसने अंगूठा दिखा दिया।
- आँखों का तारा होना: बहुत प्यारा होना।
- वाक्य प्रयोग: इकलौता बेटा होने के कारण वह सबकी आँखों का तारा है।
- ईद का चाँद होना: बहुत दिनों बाद दिखाई देना।
- वाक्य प्रयोग: भाई राहुल! तुम तो ईद का चाँद हो गए हो, आजकल नजर ही नहीं
आते।
- वाक्य प्रयोग: भाई राहुल! तुम तो ईद का चाँद हो गए हो, आजकल नजर ही नहीं
- नौ दो ग्यारह होना: भाग जाना।
- वाक्य प्रयोग: पुलिस को आते देख चोर नौ दो ग्यारह हो गए।
- कारक और उनके चिन्ह (Cases)
- कर्ता ने ➔ राम ने रावण को मारा।
- कर्म को ➔ अध्यापक को बुलाओ।
- करण से/के द्वारा (साधन) ➔ वह कलम से लिखता है।
- संप्रदान के लिए/को (दान या जिसके लिए कुछ किया जाए) ➔ माँ बच्चे के लिए खिलौना
लाई। - अपादान से (अलग होने का भाव) ➔ पेड़ से पत्ता गिरा।
- संबंध का/की/के ➔ यह राम की पुस्तक है।
- अधिकरण में/पर (आधार) ➔ मेधावी छात्र छत पर पढ़ रहा है।
- संबोधन हे! रे! अजी! ➔ अरे भाई! इधर आओ।
- वचन (Singular & Plural)
- लड़का ➔ लड़के
- किताब ➔ किताबें
- नदी ➔ नदियाँ
- वधु ➔ वधुएँ
- गुरु ➔ गुरुजन
Important Samanya Hindi Question-Answer | Hindi Vyakaran | Samanya Hindi MCQ
1. ‘जो थोड़ा जानता हो’ वाक्य के लिए एक शब्द बताइए ।
(A) अल्पज्ञ
(B) बहुज्ञ
(C) अज्ञ
(D) सर्वज्ञ
Answer – (A)
2. ‘पोथि न पातड़ि, नाम नरेंण पंडित’ कहावत का सही अर्थ है
(A) नाम के बड़े, दर्शन के छोटे।
(B) नाम में क्या रखा है ?
(C) पोथी – पन्ना ही पंडित की पहचान है ।
(D) पोथी – पन्ना कुछ नहीं, फिर भी पंडित हैं ।
Answer – (A)
Q. व्याकरण भाषा के बताता है।
(A) नियम
(B) काम
(C) (A) और (B) दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं
Answer-(A)
Q. पुष्प कौन-सा शब्द है ?
(A) तत्सम
(B) तद्भव
(C) देशज
(D) विदेशज
Answer-(A)
Q. प, फ, ब, भ, म का उच्चारण स्थान है ?
(A) तालु
(B) ओष्ठ
(C) कण्ठ
(D)दन्त
Answer-(B)
Q. अन्तः स्थ व्यंजन कितने प्रकार के होते है ?
(A) सात
(B) आठ
(C) चार
(D)पाँच
Answer-(C)
Q. इनमें से कौन सा शब्द संज्ञा से बना हुआ विशेषण है?
(A)कुलीन
(B)नमक
(C) कृपा
(D)जाति
Answer- (A)
Q. इनमें से कौन सा शब्द संज्ञा से बना हुआ विशेषण हैं?
(A) जापान
(B) गुणी
(C)दान
(D) जाति
Answer- B
Q. इनमें से कौन सा शब्द संज्ञा से बना हुआ विशेषण नहीं है?
(A) नमकीन
(B) दयालु
(C) धनवान
(D)फुर्ती
Answer- (D)
Q. इनमें से कौन सा शब्द संज्ञा से बना हुआ विशेषण नहीं है?
(A)अपमानित
(B) नियमित
(C)वार्षिक
(D)अपमान
Answer- (D)
Q. “संघ की राजभाषा हिन्दी और लिपि देवनागरी होगी ।” – संविधान के किस अनुच्छेद में अंकित है ?
(A) अनुच्छेद- 343
(B) अनुच्छेद- 344
(C) अनुच्छेद- 345
(D) अनुच्छेद – 346
Answer – (A)
Q. भाषा के लिखित रूप में बात बताते हैं।
(A) बोलकर
(B) लिखकर
(C) (A) और (B) दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं
Answer-(B)
Q. भारत की राष्ट्रभाषा है।
(A)उर्दू
(B) हिंदी
(C) अँग्रेजी
(D) इनमें से कोई नहीं
Answer-(B)
Q. “संघ की राजभाषा हिन्दी और लिपि देवनागरी होगी ।” – संविधान के किस अनुच्छेद में अंकित है ?
(A) अनुच्छेद- 343
(B) अनुच्छेद- 344
(C) अनुच्छेद- 345
(D) अनुच्छेद – 346
Answer – (A)
Q. भाषा के लिखित रूप में बात बताते हैं।
(A) बोलकर
(B) लिखकर
(C) (A) और (B) दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं
Answer-(B)
Q. भारत की राष्ट्रभाषा है।
(A)उर्दू
(B) हिंदी
(C) अँग्रेजी
(D) इनमें से कोई नहीं
Answer-(B)
Q. इनमें से कौन सा शब्द संज्ञा से बना हुआ विशेषण है?
(A)इच्छुक
(B) प्यास
(C)पशु
(D)सन्तोष
Answer- (A)
Q. इनमें से कौन विधेय-विशेषण है ?
(A) मेरा लड़का आलसी है।
(B)सतीश सुंदर लड़का है।
(C) (A) और (B) दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं
Answer- (A)
Q. इनमें से कौन सा शब्द मूलावस्था है ?
(A) प्रियतर
(B)लघुतम
(C)सुन्दर
(D) इनमें से कोई नहीं
Answer- (C)
Q. भाषा के कितने रूप होते है ?
(A)एक
(B)दो
(C) चार
(D)सात
Answer- (B)
Q. कौन सी भाषा इस देश की पुरानी है ?
(A)हिंदी
(B)संस्कृत
(C) मराठी
(D)अँग्रेजी
Answer- (B)
Q. कौन सा भाषा मध्यदेश की प्रमुख भाषा थी ?
(A)मागधी
(B)पैशाची
(C)शौरसेनी
(D)अर्द्धमागधी
Answer- (A)
Q. मगही किस भाषा की उपबोली है ?
(A)राजस्थानी
(B)पश्चिमी हिन्दी
(C)पूर्वी हिन्दी
(D)बिहारी
Answer- (A)
Q. निम्न मे कौन सी भाषा भारत की प्रथम देशभाषा है ?
(A)पंजाबी
(B)संस्कृत
(C)हिंदी
(D) पालि
Answer- (D)
Q. इनमें से कौन सा शब्द सर्वनाम से बना हुआ विशेषण है?
(A)मैं
(B)वह
(C)कोई
(D)तेरा
Answer- (D)
Q. कौन सा शब्द संस्कृत से तद्भव बनाया गया है ?
(A)बच्चा
(B)वच्छ
(C) (A) और (B) दोनों
Answer-(A)
Q. कौन सा शब्द गुणवाचक विशेषण है?
(A)लाल फूल
(B)पाँच लड़के
(C)दस हाथी
(D) इनमें से कोई नहीं
Answer- (A)
Q. संख्यावाचक विशेषण कितने प्रकार के होते है?
(A)दो
(B)तीन
(C)पाँच
(D) आठ
Answer- (B)
Q. कौन सा शब्द परिमाणबोधक विशेषण है?
(A)सेर भर दूध
(B)चार गज
(C)सब धन
(D) इनमें से कोई नहीं
Answer- (A)
Q. प्रयोग की दृष्टि से विशेषण कितने प्रकार के होते है ?
(A)दस
(B)चार
(C)दो
(D) इनमें से कोई नहीं
Answer- (C)
Q. अध उपसर्ग से इनमें से कौन-सा शब्दरूप बनेगा ?
(A) आधार
(B) अधीर
(C) अधिकार
(D) अधजला
Answer – (D)
हर्षित : हर्ष + इत
Q. संटा किसे कहते हैं ?
(A) दुष्ट व्यक्ति को
(B) अदला-बदली को
(C) सौगुना को
(D) सन्त समागम को
Answer – (B)
Q. निम्नलिखित में से ‘गीतावली’ किसकी रचना है ?
(A) तुलसीदास
(B) सूरदास
(C) कबीरदास
(D) मीराबाई
Answer – (A)
Q. कुमाउनी का ‘गात’ शब्द है
(A) तत्सम
(B) तद्भव
(C) देशज
(D) विदेशी
Answer – (B)
Q. “यमाताराजभानसलगा :”। छंद-गणना के सूत्र में गणों की संख्या कितनी है ?
(A) नौ
(B) आठ
(C) दस
(D) सात
Answer – (B)
यमाताराजभानसलगा सूत्र के पहले आठ वर्णों में आठ गणों के नाम हैं।
Q. ‘चयन’ शब्द में संधि-विच्छेद होगा
(A) चय + अन
(B) च + यन
(C) चे + अन
(D) चे + यन
Answer – (C)
Q. जो पत्र एक व्यापारिक संस्था द्वारा दूसरी व्यापारिक संस्था को व्यापारिक कार्य हेतु लिखे जाते हैं – वे पत्र कहलाते हैं
(A) सरकारी या शासकीय पत्र
(B) अर्द्ध सरकारी या अर्द्ध शासकीय पत्र
(C) व्यक्तिगत या व्यावहारिक पत्र
(D) व्यावसायिक या व्यापारिक पत्र
Answer – (D)
Q. ‘किरमोई पाँख जामण’ मुहावरे का सही अर्थ है
(A) चींटी पंख निकलने पर उड़ने लगती है ।
(B) विनाशसूचक चिह्न प्रकट होना ।
(C) उड़ने को तत्पर होना ।
(D) स्वप्न साकार होना ।
Answer – (B)
Q. देवनागरी लिपि का विकास किस लिपि से माना जाता है ?
(A) रोमन
(B) फारसी
(C) ब्राह्मी
(D) खरोष्ठी
Answer – (C)
Q. संरचना की दृष्टि से वाक्य के कितने भेद होते हैं ?
(A) दो
(B) तीन
(C) चार
(D) पाँच
Answer – (B)
हिंदी व्याकरण और भाषा वस्तुनिष्ठ प्रश्न देखे
Q. “असंख्य कीर्ति रश्मियाँ विकीर्ण दिव्य दाह-सी” इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है ?
(A) रूपक
(B) श्लेष
(C) उपमा
(D) उत्प्रेक्षा
Answer – (C)
Q. ‘ईश्वर की सहायता सबसे बड़ी होती है’ इस वाक्य के लिए लोकोक्ति है
(A) जितने मुँह उतनी बातें
(B) जाको राखे सांइयाँ, मार सकै नहिं कोय
(C) दीपक तले अँधेरा
(D) छोटा मुँह बड़ी बात
Answer – (B)
Q. निम्न में से किस शब्द में ‘इत’ प्रत्यय प्रयुक्त हुआ है ?
(A) सतीत्व
(B) बचत
(C) हर्षित
(D) खपत
Answer – (C)
Q. निम्नलिखित में से भाववाच्य का उदाहरण नहीं है।
(A) मुझसे चला नहीं जाता ।
(B) मुझसे बैठा नहीं जाता ।
(C) आम खाया जाता है।
(D) राम से टहला नहीं जाता ।
Answer – (C)
क्रिया के जिस रूप में न तो कर्ता की प्रधानता हो न कर्म की, बल्कि क्रिया का भाव ही प्रधान हो, वहाँ भाववाच्य होता है।
Q. ‘फ्यूलि’ क्या है ?
(A) बरसात में उगने वाली पौध
(B) सर्दियों में पिया जाने वाला पेय
(C) बसन्त में उगने वाला पीला फूल
(D) गर्मियों में छाया देने वाला पेड़
Answer – (C)
Q. ‘अश्व’ का पर्यायवाची शब्द नहीं है
(A) घोडा
(B) खर
(C) हय
(D) तुरंग
Answer – (B)
खर, गधा का पर्यायवाची है।
Important Hindi Grammar Question Answer |BPSC TRE Hindi Grammar | BPSC Exam Hindi Paper
Q. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्पों में से उस सही विकल्प का चयन करें जो रेखांकित शब्दों के सही अव्यय के भेद हो
दरवाजे के बाहर कोई खड़ा है।
(A)समुच्चय बोधक अव्यय
(B) विस्मयादिबोधक अव्यय
(C) सम्बन्ध बोधक अव्यय
(D) निपात
उत्तर :- (C)
Q. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्पों में से, उस सही विकल्प का चयन करें जो अशुद्ध वाक्य के शुद्ध रूप का सबसे अच्छा विकल्प है।
मैंने गाँव जाना है।
(A)मैं गाँव जाना है।
(B) मुझे गाँव जाना है।
(C) मेको गाँव जाना है।
(D) मेरे को गाँव जाना है।
उत्तर :- (B)
Q. छंद में प्रयुक्त अक्षर को क्या कहा जाता है?
(A) व्यंजन
(B) चरण
(C) मात्रा
(D) वर्ण
उत्तर :- (C)
Q. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्पों में से, उस विकल्प का चयन करें जो दिए गए मुहावरे का सही अर्थ वाला विकल्प है।
लोहा मानना
(A)मूर्ख बनाना
(B) प्रभाव मानना
(C) हार मानना
(D) लाभ होना
उत्तर :- (B)
Q. रसों का राजा किस रस को माना जाता है?
(A) करुण रस
(B) श्रृंगार रस
(C) वीर रस
(D) हास्य रस
उत्तर :- (B)
Q. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्पों में से, उस विकल्प का चयन करें जो सही विकल्प है।
उपर्सग शब्द के _____ में लगते हैं।
(A)अंत
(B) आरंभ
(C) क्रिया
(D) आठ
उत्तर :- (B)
Q. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्प दिए गए हैं। जिनमे से एक शब्द दिए गए शब्द का सही तद्भव रूप है।
कपोत
(A)गाल
(B) कबूतर
(C) काम
(D) काज
उत्तर :- (B)
Q. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्पों में से, उस विकल्प का चयन करें जो प्रत्यय से नहीं बना है।
(A)चिकनाहट
(B) चाँदनी
(C) खटास
(D) बखूबी
उत्तर :- (D)
Q. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्पों में से, उस विकल्प का चयन करें जो सही संधि-विच्छेद वाला विकल्प है।
उल्लास
(A)उत् + लास
(B) उल + लास
(C) उल्ल + आस
(D) उल + आलास
उत्तर :- (A)
Q. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्पों में से, दिए गए शब्द के विपरित अर्थ वाला विकल्प चुनिए।
संयोग
(A)वियोग
(B) अवशेष
(C) दुरुपयोग
(D) मिलन
उत्तर :- (A)
Q. निम्नलिखित प्रश्न में चार विकल्पों में से, उस सही विकल्प का चयन करें जो निर्देशानुसार वाक्य परिवर्तन वाला सही विकल्प है।
आप इस किताब को पढ़े हैं? (कर्मवाच्य)
(A)इस किताब को आप के द्वारा पढ़ा गया है
(B) क्या आपने इस किताब को पढ़ा
(C) यह किताब आपके द्वारा पढ़ी गई
(D) आपने यह किताब पढ़ी
उत्तर :- (A)
Q. किसी के द्वारा कहे गए वचन को ज्यों का त्यों लिखने के लिए किस चिन्ह का प्रयोग किया जाता हैं?
(A) योजक
(B) उद्धरण
(C) अल्प विराम
(D) अर्ध विराम
उत्तर :- (B)
Q. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्पों में से, दिए गए शब्द के सही समास वाला विकल्प पहचानिये।
चंद्रशेखर
(A)चंद्र है शिखर पर जिसके
(B) चंद्र है जिसका नाम
(C) चंद्र के समान है जो
(D) चंद्र के जैसा है जो
उत्तर :- (A)
Q. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्प दिए गए है। जिनमें से उस विकल्प का चयन करें जो शब्द वाक्य का सबसे अच्छा ‘एक शब्द’ विकल्प है।
जिसका उत्साह नष्ट हो गया हो
(A)उत्साही
(B) उद्यमी
(C) हतोत्साहित
(D) जिज्ञासु
उत्तर :- (C)
Q. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्प दिए गए है। जिनमें से एक शब्द दिए गए अनेकार्थी शब्द का एक अर्थ है। उस शब्द को चुनें।
जलज
(A)जहाज
(B) मछली
(C) चतुर
(D) हाथी
उत्तर :- (B)
Q. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्पों में से, उस सही विकल्प का चयन करें जो निम्न वाक्य का पूर्वकालिक क्रिया परिवर्तन वाक्य बताता है।
बच्चों ने गृहकार्य किया। वे खेलने लग गए।
(A)बच्चे गृहकार्य किये बिना खेलने लग गए
(B) बच्चे गृहकार्य के बिना खेलने गए
(C) बच्चे गृहकार्य करके खेलने लगे
(D) बच्चों ने गृहकार्य किया और खेलने गए
उत्तर :- (C)
Q. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्पों में से, रेखांकित पद के उचित कारक को पहचानिये।
हे प्रभु! रक्षा कीजिये।
(A)सम्बोधन कारक
(B) अधिकरण कारक
(C) सम्बन्ध कारक
(D) कर्म कारक
उत्तर :- (A)
Q. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्पों में से, उस सही विकल्प का चयन करें जो निर्देशानुसार वाक्य परिवर्तन वाला सही विकल्प है।
बच्चों ने खेल खेला। (भविष्य काल)
(A)बच्चे खेल, खेल चुके
(B) बच्चे खेल रहे है।
(C) बच्चे खेल चुके होंगे।
(D) बच्चे खेल खेलेंगे।
उत्तर :- (D)
Q. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्प दिए गए है। जिनमें से उस विकल्प का चयन करें जो दिए गए शब्द का सही स्त्रीलिंग शब्द है।
राजपूत
(A)राजपूतानी
(B) रजपूताईं
(C) राजपूतरीन
(D) राजपूती
उत्तर :- (A)
Q. निम्नलिखित प्रश्नं में, चार विकल्प दिए गए हैं। जिनमें से उस विकल्प का चयन करें जो दिए गए शब्द का सही स्त्रीलिंग शब्द है।
तपस्वी
(A)तपस्विनी
(B) तपस्वीनि
(C) तपस्वीन
(D) तपस्र्वी
उत्तर :- (A)
Q. नीचे दिए गए शब्द का सही बहुवचन रूप वाला विकल्प पहचानिए।
तलवार
(A)तलवारें
(B) तलवारों
(C) तलवार
(D) तलवारे
उत्तर :- (A)
Q. ह्रस्व व दीर्घ इनमें से किसके प्रकार हैं?
(A) स्वर
(B) व्यंजन
(C) वर्णमाला
(D) संयुक्त व्यंजन
उत्तर :- (A)
Q. इनमें से कौन सा ऊष्म व्यंजन है?
(A) य
(B) प
(C) श
(D) ट
उत्तर :- (C)
Q. दी गई जोड़ियों में कौन सी जोड़ी सही संज्ञा व उससे बनने वाले विशेषण शब्द की हैं?
(A) पक्ष – पाक्षिक
(B) प्रेम – प्यार
(C) सुख – दुःख
(D) स्वर्ण – सोना
उत्तर :- (A)
Q. सर्वनाम वाले वाक्यों में लिंग का पता किससे चलता है?
(A) क्रिया
(B) कर्म
(C) कर्ता
(D) वचन
उत्तर :- (A)
Q. जायसी द्वारा रचित प्रसिद्ध रचना कौन सी है?
(A) पद्मावत
(B) रस विलास
(C) विज्ञानगीता
(D) श्रृंगार लहरी
उत्तर :- (A)
Q. ‘भारत दुर्दशा’ किस प्रसिद्ध लेखक द्वारा रचित उपन्यास है?
(A) वृन्दावनलाल शर्मा
(B) देवकीनंदन खत्री
(C) अयोध्या सिंह
(D) भारतेन्दु हरिश्चंद्र
उत्तर :- (D)
Q. नीचे दी गई रचनाएँ किस कवि की है?
(A) चिदंबरा / उत्तरा / काला और बूढ़ा चाँद / पल्लव
(A)सुमित्रानंदन पन्त
(B) अज्ञेय
(C) केदारनाथ सिंह
(D) सुभद्रा कुमारी चौहान
उत्तर :- (A)
Q. सर्वेश्वर दयाल सक्सेना को किस रचना के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया गया था?
(A) खूटियों पर टंगे लोग
(B) जंगल का दर्द
(C) क्या कह कर पुकारूँ
(D) गर्म हवाएँ
उत्तर :- (A)
Q. नीचे दिए गए गद्यांश के बाद (Q1 से Q4) प्रश्न दिए गए हैं। इस गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़े और चार विकल्पों में से प्रत्येक प्रश्न का सर्वोत्तम उत्तर चुनें।
लगभग पांच शताब्दी पूर्व पुर्तगाली इतिहासकार डोमिंग पेस ने हम्पी (विजयनगर) को स्वप्नों की नगरी कहा था। यह संगम वंश के शासकों की राजधानी थी जिन्होंने 1336 में प्राचीन हम्पी के निर्माण स्थल पर विजय नगर साम्राज्य की नींव रखी थी। लेकिन वह कृष्णदेव राय (1509–1529) थे जिन्होंने भव्य महल और मंदिरों से राजधानी को अलंकृत किया और विजयनगर साम्राज्य की सीमाओं को दूर-दूर तक फैलाया जिससे वह दक्षिण भारत का सर्वाधिक शाक्तिशाली हिन्दु साम्राज्य बना। परन्तु इस साम्राज्य की शक्ति का पतन पड़ोसी बहमई राज्यों के संघ के 1565 में संयुक्त आक्रमण से आरंभ हुआ। इस विजयनगर को परास्त करके नष्ट कर दिया गया। यह उस साम्राज्य का दुखत अंत था जो कभी अरब सागर से बंगाल की खाड़ी और दक्कन पठार से भारतीय प्रायद्धीप तक फैला था। विजयनगर के भग्नाशेष एक दूसरे पर टंगी विशाल चट्टानों की निर्जन दृश्यावली के बीच फैले हैं। दक्षिण भारत के राजनीतिक परिदृश्य में अपने उदय से पूर्व हम्पी कई शताब्दियों से एक प्रख्यात पावन स्थल था। रामायण में जैसा वर्णित है यह बाली शासित क्षेत्र किष्किन्धा का एक भाग था। इस स्थान में बाली और सुग्रीव, हनुमान, राम सीता, लक्ष्मण से जुड़ी अनेक घटनाएं घटी हैं। तुंगभद्रा नदी के पार स्थित वर्तमान एनीगोण्डी दुर्ग इस बानर साम्राज्य का प्रमुख केन्द्र था। हम्पी के चट्टानी पर्वत जैसे हेमकूट पर्वत, मातण्ग पर्वत और माल्यावंथ पर्वत का उल्लेख रामायण में मिलता है। तुंगभद्रा का प्राचीन नाम और पार्वती का नाम पम्पा है जिसने विरूपाक्ष रूपी शिव से विवाह किया था। इसी नाम पर इस नगरी का नाम पड़ा है।
Q1. किष्किन्धा का भाग किसके शासन का हिस्सा था?
(A) बलि
(B) बाली
(C) कृष्णदेव राय
(D) बहमई राज्यों
उत्तर :- (B)
Q2. किसने हम्पी को स्वप्नों की नगरी कहा था?
(A) ब्रिटिश इतिहासकार डोमिंग पेस
(B) पुर्तगाली इतिहासकार डोमिंग पेस
(C) बानर साम्राज्य के शासकों ने
(D) पौराणिक पात्रों ने
उत्तर :- (B)
Q3. हम्पी साम्राज्य की शक्ति का पतन कैसे हुआ?
(A) आपसी मनमुटाव
(B) आपसी झगड़ा
(C) संयुक्त आक्रमण
(D) आपसी फूट
उत्तर :- (C)
Q4. विजयनगर के भग्नाशेष कैसी दृश्यावली के बीच फैले हैं?
(A) जनशून्य
(B) भीड़भाड़
(C) सघन
(D) हरियाली
उत्तर :- (A)
Q. विरूपाक्ष का समानार्थी शब्द पहचानिए?
(A) विलक्षण नेत्रों वाला
(B) निर्जन
(C) गुस्सैल स्वभाव वाला
(D) शक्तिशाली
उत्तर :- (C)
Q. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्पों में से, उस सही विकल्प का चयन करें जो दिए गए पद्य के उचित अलंकार रूप का सबसे अच्छा विकल्प है।
काली घटा का घमंड घटा
(A)यमक अलंकार
(B) अतिश्योक्ति अलंकार
(C) उत्प्रेक्षा अलंकार
(D) उमपा अलंकार
उत्तर :- (A)
Q. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्प दिए गए है। जिनमें से उस विकल्प का चयन करें जो शब्द का सबसे अच्छा विकल्प है।
पतन
(A)पत्ता
(B) गिरना
(C) पुत्र
(D) घर
उत्तर :- (B)
Q. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्पों में से, उस विकल्प का चयन करें जो दिए गए शब्द का सही समान अर्थ वाला शब्द है।
नाश
(A)तबाही
(B) उत्कर्ष
(C) उत्थान
(D) नवीन
उत्तर :- (A)
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