Maths pedagogy से सम्बंधित प्रश्नों को भारत की लगभग सभी सरकारी शिक्षकों की परीक्षाओं में पूछा जाता है| गणित पैडागोजी के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर के प्रश्न बहुत ही महत्वपूर्ण होते है आप इस Maths Pedagogy से अच्छे मार्क ला सकते है| केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा सीटेट आयोजित की जाती है | CTET (Paper 1 और Paper 2) में गणित के 30 प्रश्नों में से 15 प्रश्न सीधे तौर पर गणित शिक्षण शास्त्र (Maths Pedagogy Questions in Hindi) से होते हैं।
शिक्षक भर्ती परीक्षाओं (Teaching Exams) जैसे CTET, UPTET, REET आदि की तैयारी करने वाले अधिकांश छात्रों को गणित विषय से डर लगता है जिसे आप अभ्यास कर अच्छा मार्क ला सकते हैं| गणित पेडागोजी का अर्थ है “गणित पढ़ाने का तरीका”। एक भावी शिक्षक के रूप में, आपको केवल गणित के सूत्र (Formulas) नहीं आने चाहिए, बल्कि यह भी पता होना चाहिए कि एक छोटे बच्चे को गणित कैसे सिखाया जाए। इस पोस्ट में आपको गणित पैडागोजी के महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर दिए जा रहे जिसे आप पढ़ परीक्षा में अच्छे मार्क ला सकते हैं | इसलिए गणित पैडागोजी के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर इस पोस्ट के माध्यम से पूरा जरुर देखें |
Maths Pedagogy Questions शिक्षक पात्रता परीक्षा जैसे की – CTET, UPTET, HPTET, PSTET,BPSC TET ,MPTET ,etc में इससे सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते हैं | अगर आप भी शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी करते हैं तो इस पोस्ट को पूरा जरुर पढ़ें | इस आर्टिकल में आपको गणित पैडागोजी के महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर दिए जा रहे जिसे आप पढ़ परीक्षा में अच्छे मार्क ला सकते हैं | इसलिए गणित पैडागोजी के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर इस पोस्ट के माध्यम से पूरा जरुर देखें |

Practice Maths pedagogy Questions गणित पैडागोजी के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर
1. कौन सा विकल्प क्रमागत प्राकृत संख्याओं की एक श्रृंखला को दर्शाता है?
(a) 2, 4, 6, 8
(b) 1, 3, 5, 7
(c) 5, 7, 9, 11
(d) 3, 4, 5, 6
Answer – (d)
2. व्यवहारवादी से रचनावादी शिक्षाशास्त्र में संक्रमण में, गणित में शिक्षार्थी की भूमिका के संबंध में प्राथमिक बदलाव क्या है?
(a) प्रदान की गई निर्देशात्मक सामग्री को आत्मसात करना
(b) अर्थ का सक्रिय निर्माण
(c) प्रक्रियात्मक ड्रिल प्रतिक्रियाओं को स्वचालित करना
(d) बाहरी उद्दीपनों के प्रति प्रतिक्रिया देना
Answer – (b)
3. रचनावादी सिद्धांतों का पालन करने वाले एक गतिविधि-आधारित गणित पाठ में, गहरी वैचारिक समझ को बढ़ावा देने के लिए कौन सी शिक्षण रणनीति सबसे उपयुक्त है?
(a) छात्रों के लिए प्रतिमानों (पैटर्न) का पता लगाने और विचारों की व्याख्या करने के लिए कार्यों को डिजाइन करना
(b) छात्रों की अंतःक्रिया के बिना उन्नत सिद्धांतों पर व्याख्यान देना
(c) तत्काल अनुप्रयोग के लिए चरण-दर-चरण एल्गोरिदम प्रदान करना
(d) व्यक्तिगत अभ्यास के लिए विस्तृत समस्या सेट प्रदान करना
Answer – (a)
4. एक शिक्षक ऐसी पाठ्यपुस्तक का चयन करता है जो ज्यामिति की अवधारणाओं को वास्तविक दुनिया के भौतिकी (physics) के उदाहरणों से जोड़ती है। यह संसाधन किस प्रमुख मानदंड को पूरा करता है?
(a) अंतर-विषयक संबंध (interdisciplinary connection) को प्रोत्साहित करना।
(b) विषय-वस्तु को याद रखना सुनिश्चित करना।
(c) भावात्मक क्षेत्र (affective domain) के लक्ष्यों को लक्षित करना।
(d) समावेशी पाठ्यक्रम का समर्थन करना।
Answer – (a)
5. गणित विभिन्न स्कूली विषयों में सीखने को कैसे सुगम बनाता है?
(a) अन्य विषयों के लिए मूलभूत ज्ञान प्रदान करके
(b) केवल अमूर्त अवधारणाओं पर ध्यान केंद्रित करके
(c) समझ के बजाय रटने पर बल देकर
(d) व्यावहारिक कौशल की आवश्यकता को समाप्त करके
Answer – (a)
6. शुद्ध कथन को पहचानिए-
(A) एक संख्या को दूसरी से गुणा करने पर उसका मान सदैव बढ़ जाता है।
(B) एक संख्या को दूसरी से विभाजित करने पर उसका मान सदैव कम हो जाता है।
(C) एक संख्या को 10 से गुणा करने पर उसके इकाई के स्थान पर सदा शून्य होगा।
(D) गुणनफल, भागफल का प्रतिलोम है।
(a) A और B
(b) C और D
(c) केवल C
(d) केवल D
Answer – (d)
7. निम्न में से कौन सी गणित शिक्षण में प्रमुख समस्या है?
(a) गणित शिक्षक की शिक्षण विधियाँ
(b) गणितीय उपकरणों का उपयोग करने की क्षमता
(c) कक्षा संचालन
(d) शिक्षण विधियों का ज्ञान
Answer – (c)
8. यूनिसेफ समर्थित पहल ‘बाला (BALA)’ है:
(a) बिल्डिंग एज़ लर्निंग एड
(b) बुक्स एज़ लर्निंग एड
(c) बुलेटिन बोर्ड एज़ लर्निंग एड
(d) ब्लैक बोर्ड एज़ लर्निंग एड
Answer – (a)
9. निम्नलिखित में से कौन सा बच्चों को भिन्नों की संकल्पना सिखाने के लिए सबसे उपयुक्त है?
(a) जियोबोर्ड
(b) संख्या चार्ट
(c) क्रिज़नेयर छड़
(d) गिनतारा
Answer – (c)
10. “किन्हीं दो पूर्ण संख्याओं का योग एक पूर्ण संख्या है।” पूर्ण संख्याओं के इस गुण को इस प्रकार उल्लेखित किया जाता है:
(a) क्रमविनिमय गुण
(b) साहचर्य गुण
(c) वितरण गुण
(d) संवरक गुण
Answer – (d)
11. गणित की प्रकृति है:
(a) सजावटी
(b) कठिन
(c) तार्किक
(d) बेढंगा
Answer – (c)
12. एक बच्चा वर्ग और आयत में अंतर नहीं कर पा रहा है | वह दोनों को एक ही श्रेणी में निर्धारित करता है | वैन हील के ज्यामितीय तर्क के सिद्धांत के अनुसार छात्र किस चरण पर है?
(a) अभिगृहीतीय स्तर
(b) विश्लेषण स्तर
(c) निगमन स्तर
(d) दृशीकरण स्तर
Answer – (d)
13. निम्नलिखित शब्द समस्या के प्रकार को पहचानिये:
“मेरे पास 6 पेंसिलें हैं। मनीष के पास मुझसे दो अधिक हैं। मनीष के पास कितनी पेंसिल हैं?”
(a) सादृश्य संकलन
(b) सादृश्य व्यवकलन
(c) टेकअवे संकलन
(d) टेकअवे व्यवकलन
Answer – (a)
14. अल्पवयस्क (छोटे) बच्चों के लिए निम्न में से कौन-सी प्रक्रियाएँ पूर्व-संख्या संकल्पना का भाग हैं?
(a) वर्गीकरण, प्रतिमान बनाना और एकैकी संगति
(b) गणना, संप्लाव (स्किप) गणना और वर्गीकरण
(c) संप्लाव (स्किप) गणना, प्रतिमान बनाना और संख्याओं का संरक्षण
(d) वर्गीकरण, गणना और संख्याओं का क्रम
Answer – (a)
15. “अज्ञात से ज्ञात” का प्रयोग किस शिक्षण पद्धति के लिए किया जाता है?
(a) प्रदर्शन विधि
(b) प्रयोग विधि
(c) संश्लेषणात्मक विधि
(d) विश्लेषणात्मक विधि
Answer – (d)
Maths pedagogy Concept Clear Revision One-Liner Statement
- अधिगम एक व्यापक चरण है जहाँ अभ्यास और अनुभव के परिणामस्वरूप व्यवहार, ज्ञान और कौशल में बदलाव को संदर्भित करता है।
- छात्रों को विभिन्न प्रकार की सामग्री का प्रावधान करवाना और उन्हे अपने अधिगम को स्व-निर्देशित करने की स्वतंत्रता देना अन्वेषित अधिगम को बढ़ावा देने की एक विधि है।
- यह छात्रों को प्रश्न पूछने और समझ की तलाश में निर्णय लेने में सक्षम बनाता है।
- अन्वेषित अधिगम विधि में शिक्षार्थियों की सक्रिय भागीदारी पर जोर देता है जिससे वह आलोचनात्मक और कल्पनाशील सोच के उपयोग को बढ़ावा दे शक्ति को सक्रिय करने के लिए समस्याएं उत्पन्न करता है।
- अन्वेषित अधिगम छात्रों को स्वयं तथ्यों की खोज करके ज्ञान प्राप्त करने में सक्षम बनाता है।
- अन्वेषित अधिगम विधि में बच्चे निरीक्षण करते हैं, और नकल करते हैं, पुन: वे देखते हैं उसी के अनुसार करने-सीखने समझते हैं।
- रटन अधिगम से दोहराकर जानकारी को याद रखने की प्रक्रिया को संदर्भित करता है।
- निर्देश के माध्यम से अधिगम से निर्देश छात्र की आवश्यकता और क्षमताओं के अनुसार तैयार किए जाते हैं।
- भाज्य = भाजक x भागफल + शेषफल होता है |
- रचनात्मकतावाद से बच्चे अनुकूलन के माध्यम से सीखते हैं। इसका मतलब है कि बच्चे ज्ञान में निष्क्रिय नहीं हैं, लेकिन अर्थ बनाने में सक्रिय हैं, सिद्धांतों का परीक्षण कर रहे हैं, और दुनिया से और खुद को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
- गणित को समस्या-समाधान पर जोर देते हुए पढ़ाया जाना चाहिए और समस्या-समाधान के लिए अपनी रणनीति विकसित करने के लिए शिक्षक और छात्रों के बीच और छात्रों और छात्रों के बीच भी अंत:क्रिया होनी चाहिए।
- छात्रों की प्रारंभिक समझ बच्चों के सीखने और उपलब्धि को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक है। प्रासंगिक पूर्व सूचना को जोड़ने और सक्रिय करने से नए और पिछले ज्ञान के बीच एक संबंध बनता है जो अधिगम में सक्षम बनाता है।
- रचनावादी विचार से गणित की बेहतर समझ हासिल करने के लिए छात्र नए और वर्तमान ज्ञान को जोड़ने के लिए क्या कर सकते हैं। प्रत्येक दर्शन शिक्षार्थी को शैक्षिक प्रक्रिया में एक सक्रिय भागीदार के रूप में देखता है।
- संघर्ष बच्चों को ऐसी स्थिति में संज्ञानात्मक संघर्ष के लिए एक अवसर प्रदान करता है जो अवधारणा के विपरीत है और फिर छात्रों को उस अवधारणा को सिद्ध करने के लिए प्रयोगों या प्रदर्शनों पर निर्देशित किया जाता है जो बच्चों को ज्ञान का निर्माण करने में मदद करता है।
- गणित के शिक्षण-अधिगम में समस्या-समाधान के लिए निर्धारित तरीका अपनाने को प्रोत्साहन देना रचनात्मक प्रक्रिया का लक्षण नहीं है क्योंकि यह बच्चों को सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए गुंजाइश प्रदान नहीं करेगा।
- समस्या समाधान के लिए निर्धारित तरीका अपनाने की प्रोत्साहन देना गणित के रचनात्मक शिक्षण-अधिगम का लक्षण नहीं है।
- गणित संख्याओं, आकृतियों, मात्राओं और प्रतिमानों का अध्ययन है।
- गणित की प्रकृति तार्किक है और यह तर्क पर निर्भर करता है और छात्रों के दिन-प्रतिदिन के जीवन के साथ अधिगम को जोड़ता है।
- गणित उन कुछ विषयों में से एक है जिनका व्यावहारिक, सांस्कृतिक और अनुशासनात्मक मूल्य है।
- गणित में तीनों मूल्यों को सीमित करने की क्षमता है, लेकिन अनुचित शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के कारण, इसकी क्षमता का उपयोग इसके सर्वोत्तम स्तर तक नहीं किया जा रहा है।
- गणित शिक्षण-अधिगम में निम्नलिखित रचनात्मक लक्षण है-
- (a) कक्षा प्रारंभ करते समय विद्यार्थियों की प्रारंभिक समझ का आकलन करना।
- (b) अंतदर्शी हलों को प्रोत्साहित करना।
- (c) संज्ञानात्मक संघर्ष के लिए अवसर प्रदान करना।
- रचनात्मक शिक्षण की एक प्रक्रिया है जिसमें विद्यार्थी के पूर्व ज्ञान, आस्थाओं और कौशल का इस्तेमाल किया जाता है। रचनात्मक रणनीति के माध्यम से विद्यार्थी अपने पूर्व ज्ञान और सूचना के आधार पर नई किस्म की समझ विकसित करता है।
- मुक्त सिरे वाले प्रश्न वे होते हैं जिनका कोई निश्चित उत्तर नहीं होता है या उत्तर खोजने की कोई निश्चित विधि नहीं होती है।एक प्रकार का प्रश्न जिसका उत्तर देने के लिए एक से अधिक शब्दों की आवश्यकता होती है। उदाहरण:- दो संख्याएं ज्ञात कीजिए जिनका योग 8 है।, उस त्रिभुज को खींचिए जिसका परिमाण 50 सेमी. है। यह प्रश्न छात्रों में सृजनात्मकता और अपसारी सोच को बढ़ाते है।
- मुक्त सिरे वाले प्रश्न से छात्रों की सोचने की क्षमता बढ़ेगी और छात्र पाठ्यपुस्तक से परे सोचेंगे।
- बंद सिरे वाले ऐसा प्रश्न है जिसका उत्तर किसी एक शब्द या संक्षिप्त वाक्यांश से दिया जा सकता है। कभी-कभी, एक बंद प्रश्न को एक प्रश्न के रूप में भी परिभाषित किया जाता है जिसका उत्तर हाँ या नहीं में दिया जा सकता है। बंद सिरे वाले ऐसा प्रश्न में एक ही उत्तर होता है या उत्तर खोजने का केवल एक ही तरीका होता है, यहाँ अपसारी चिंतन की कोई गुंजाइश नहीं होती है।उदाहरण: हाथी का रंग कैसा होता है? ,बाघ के कितने पैर होते हैं? , 25 के गुणनखंड क्या है?
- प्रश्न को प्रस्तुत करना गणित में सृजनात्मक चिंतन का एक मुख्य सूचक है।
- सृजनात्मक चिन्तन का आशय मस्तिष्क की उस प्रक्रिया से है, जिसमें किसी एक विषय पर अनेक प्रकार के विचार उत्पन्न होते हैं। उन विचारों के आधार पर नवीन एवं उपयोगी वस्तुओं एवं विचारों का सृजन होता है।
- सृजनशील व्यक्तियों के विचारों तथा क्रियाओं में स्वतंत्रता देखी जाती है। सृजनात्मकता व्यक्तियों में अन्य व्यक्तियों से ज्यादा लचीलापन पाया जाता है।
- गणित का भौतिकी से घनिष्ठ संबंध है। भौतिकी में हमें कई गणितीय समीकरण और सूत्र मिलते हैं।
- भौतिकी, अर्थशास्त्र आदि जैसे अन्य विषयों को सीखने के लिए गणित का ज्ञान आवश्यक है।
- गणित शिक्षण पर बल दिया जाता है क्योंकि यह हर किसी के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। NCF 2005 भी अवधारणाओं के गणितीकरण पर बल देता है।
- गैलीलियो का मानना था की ब्रह्मांड गणितीय ज्ञान में लिखा गया है। गैलीलियो ने कहा है की गणित वह भाषा है जिसमें परमेश्वर ने सम्पूर्ण जगत या ब्रह्माण्ड को लिखा है।
- न्यूटन सबसे महान गणितज्ञों और भौतिकविदों में से एक हैं और उन्हें सभी समय के सबसे प्रभावशाली वैज्ञानिकों में से एक के रूप में मान्यता प्राप्त है।
- लॉक ने कहा गणित मष्तिष्क में तर्क करने की आदत को समाहित करने का एक तरीका है।
- स्व-आकलन स्वयं को आंकने, आकलन करने और समीक्षा करने की प्रक्रिया है। क्षमता और कमजोरियों का मूल्यांकन करना स्व-आकलन का हिस्सा है।
- आत्म-विश्लेषण स्व-आकलन की तकनीक है जहाँ शिक्षार्थी प्रदर्शन में चूक, पुनरावृत्ति, गलतियों आदि का पता लगाने की कोशिश करता है।
- अंकगणित सबसे पुरानी शाखा है जो संख्याओं और उनकी मूल संक्रियाओं जैसे कि जोड़, घटाव, गुणा और भाग से संबंधित है।
- बीजगणित में अज्ञात मानों, जो कि अक्षरों द्वारा निरूपित होते हैं, के मान को ज्ञात करने के लिए अचर मानों का उपयोग शामिल होता है जो हमें बीजीय व्यंजकों और समीकरणों में अज्ञात लुप्त मानों को ज्ञात करने के लिए सूत्रों और नियमों को सामान्य बनाने में मदद करते हैं।
- ज्यामिति सबसे व्यावहारिक शाखा है जो आकृतियों के आकार और स्वरूप और उनके गुणों जैसे कि रेखाएं, कोण और अन्य 2D और 3D आकृतियों से संबंधित है।
- त्रिकोणमिति में त्रिभुजों के कोणों और भुजाओं के बीच के संबंधों का अध्ययन है।
- बच्चों का गणित सीखना उनके रूचि पर निर्भर करता है |
गणित पेडागोजी के अति महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर (Important Maths Pedagogy Questions One-Liner Type in Hindi)
नीचे दिए गए प्रश्न पिछले वर्षों की TET और CTET परीक्षाओं (Previous Year Questions) पर आधारित हैं : –
- गणित की प्रकृति (Nature of Mathematics) कैसी होती है?
उत्तर: गणित की प्रकृति तार्किक (Logical) होती है। यह रटने पर नहीं, बल्कि समझने और तर्क करने पर आधारित है। - NCF 2005 के अनुसार, विद्यालय में गणित शिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: बच्चों की सोच या विचार प्रक्रिया का गणितीकरण करना (Mathematization of the child’s thought process)। - प्राथमिक स्तर पर गणित पढ़ाने की सबसे उपयुक्त विधि कौन सी है?
उत्तर: खेल और गतिविधि विधि (Play-way and Activity Method)। - ‘आगमन विधि’ (Inductive Method) किस सिद्धांत पर कार्य करती है?
उत्तर: विशिष्ट से सामान्य की ओर (From Specific to General) और उदाहरण से नियम की ओर। - ‘निगमन विधि’ (Deductive Method) में शिक्षण का क्रम क्या होता है?
उत्तर: सामान्य से विशिष्ट की ओर (From General to Specific) और नियम से उदाहरण की ओर। - गणित में ‘निदानात्मक परीक्षण’ (Diagnostic Test) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: बच्चों को गणित सीखने में आ रही कठिनाइयों और कमियों का पता लगाना। - निदानात्मक परीक्षण के बाद कौन सा शिक्षण कार्य किया जाता है?
उत्तर: उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) – बच्चों की कमियों और कठिनाइयों को दूर करने के लिए। - ज्यामिति (Geometry) के विकास और शिक्षण के लिए किस मनोवैज्ञानिक का सिद्धांत सबसे प्रसिद्ध है?
उत्तर: वैन हीले का ज्यामितीय चिंतन का सिद्धांत (Van Hiele’s Theory of Geometric Thought)। - प्राथमिक कक्षाओं में ‘अबेकस’ (Abacus) का प्रयोग मुख्य रूप से किसलिए किया जाता है?
उत्तर: स्थानीय मान (Place Value) की महत्ता समझाने और बिना गलती के जोड़-घटाव सिखाने के लिए। - गणित में ‘त्रुटियों’ (Errors) की क्या भूमिका होती है?
उत्तर: त्रुटियां बहुत महत्वपूर्ण होती हैं, क्योंकि ये इस बात का संकेत देती हैं कि बच्चे कैसे सोचते हैं और ज्ञान का निर्माण कैसे करते हैं। - गणित को रोचक और प्रभावशाली बनाने के लिए शिक्षक को क्या करना चाहिए?
उत्तर: गणित की समस्याओं को बच्चों के वास्तविक और दैनिक जीवन (Real-life context) से जोड़ना चाहिए। - गणित की भाषा की मुख्य विशेषता क्या है?
उत्तर: गणित की अपनी एक अलग भाषा होती है, जो प्रतीकात्मक (Symbolic) और सार्वभौमिक (Universal) होती है। - ‘जिओ-बोर्ड’ (Geo-board) का उपयोग बच्चों को क्या सिखाने के लिए किया जाता है?
उत्तर: 2D आकृतियों (जैसे- वर्ग, आयत, त्रिभुज) की विशेषताओं को समझाने के लिए। - NCF 2005 के अनुसार गणित का पाठ्यक्रम कैसा होना चाहिए?
उत्तर: बाल-केंद्रित (Child-centered) और लचीला (Flexible) होना चाहिए। - गणित में मूल्यांकन (Assessment) का सबसे अच्छा तरीका कौन सा है?
उत्तर: सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (Continuous and Comprehensive Evaluation – CCE)